पुणे न्यूज डेस्क: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन के साथ ही केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए वेतन और पेंशन के नए ढांचे को लेकर हलचल तेज हो गई है। आयोग ने अपनी प्रक्रिया को औपचारिक रूप देते हुए विभिन्न कर्मचारी यूनियनों और संगठनों से सुझाव मांगने शुरू कर दिए हैं। इसके लिए दिल्ली और पुणे में बैठकों का शेड्यूल भी जारी कर दिया गया है, जहाँ संगठन अपनी मांगें और शिकायतें सीधे आयोग के सामने रख सकेंगे।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 17 जनवरी, 2025 को पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में इस आयोग का गठन किया था। आयोग में प्रोफेसर पुलक घोष और सदस्य-सचिव के रूप में पूर्व IAS पंकज जैन शामिल हैं। आयोग का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में सुधार के लिए व्यापक सिफारिशें तैयार करना है, जिसे 1 जनवरी, 2026 से लागू किए जाने की योजना है।
सुझाव देने के लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया बनाई गई है, जिसके तहत संगठनों को आधिकारिक पोर्टल (https://8cpc.gov.in/) पर अपना मेमोरेंडम जमा करना होगा। मेमोरेंडम अपलोड करने के बाद मिलने वाली यूनिक आईडी के जरिए ही संगठन मीटिंग के लिए अपॉइंटमेंट ले सकेंगे। इस डिजिटल प्रक्रिया का मकसद पूरी कार्रवाई को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाना है।
इस बीच, 1 जनवरी, 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) के ऐलान में हो रही देरी ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। लगभग एक करोड़ से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। कर्मचारी संगठनों ने अब इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सरकार के सामने आधिकारिक तौर पर अपनी बात रखी है, ताकि जल्द से जल्द कोई सकारात्मक फैसला लिया जा सके।