पुणे न्यूज डेस्क: पुणे के विश्रांतवाड़ी स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सरकारी छात्र छात्रावास में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम विवादों के घेरे में आ गया है। 11 अप्रैल को हुए इस आयोजन के दौरान दो छात्रों पर प्रतिबंधित नक्सली कमांडर माडवी हिडमा का महिमामंडन करने वाले गीत पर नृत्य करने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले की जानकारी साझा करते हुए बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए कानून सम्मत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
आरोपी छात्र वर्तमान में 'बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन' (BBA) में स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं। पुलिस ने उन पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और समाज की शांति भंग करने के इरादे से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या छात्रों का उद्देश्य केवल प्रदर्शन करना था या इसके पीछे किसी विचारधारा का प्रचार करने का कोई सोची-समझी साजिश थी।
माडवी हिडमा, जिसकी उम्र 51 वर्ष थी, भारत के सबसे खतरनाक नक्सली नेताओं में से एक माना जाता था। वह सुरक्षा बलों पर हुए कई बड़े और घातक हमलों का मास्टरमाइंड था, जिसके चलते उस पर एक करोड़ रुपये का भारी-भरकम इनाम रखा गया था। हिडमा का आतंक नवंबर 2025 में तब समाप्त हुआ जब आंध्र प्रदेश में सुरक्षा बलों के साथ हुई एक मुठभेड़ में वह मारा गया।
प्रशासनिक स्तर पर इस घटना को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि यह एक सरकारी शिक्षण संस्थान से जुड़ा मामला है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की राष्ट्रविरोधी विचारधारा या हिंसक गतिविधियों के नायकों का सार्वजनिक रूप से गुणगान करना कानूनी अपराध है। फिलहाल, छात्रावास प्रबंधन और स्थानीय पुलिस छात्रों के पिछले रिकॉर्ड और उनके संपर्कों की गहन जांच कर रही है।