पुणे न्यूज डेस्क: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से बाल विवाह का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कानून और समाज, दोनों को झकझोर कर रख दिया है। मुनस्यारी क्षेत्र की रहने वाली एक 14 वर्षीय किशोरी को प्रसव पीड़ा के बाद जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने सीजेरियन ऑपरेशन के जरिए एक बच्चे को जन्म दिया। 13 साल की उम्र में शादी और फिर 14 की उम्र में मां बनने की इस घटना ने प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है, जिसके बाद पुलिस ने किशोरी के कथित पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस जांच में पता चला है कि किशोरी का पति 21 वर्षीय युवक है, जो वर्तमान में महाराष्ट्र के पुणे में नौकरी करता है। बच्चे के जन्म की खबर मिलने के बाद वह नामकरण संस्कार के लिए गांव आने की योजना बना रहा था, लेकिन कानूनी कार्रवाई की भनक लगते ही उसने दूरी बना ली है। आरोपी युवक अब पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपा हुआ है, जिसकी लोकेशन ट्रैक कर ली गई है।
बलुवाकोट पुलिस की एक विशेष टीम अब आरोपी पति को गिरफ्तार करने के लिए पुणे रवाना होने की तैयारी में है। थानाध्यक्ष नीमा बोहरा के अनुसार, इस मामले में न केवल युवक बल्कि उसके परिजनों की भूमिका की भी जांच की जा रही है क्योंकि उन्होंने एक नाबालिग का बाल विवाह कराया। पुलिस कड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई कर रही है ताकि इस तरह के अपराधों पर लगाम लगाई जा सके।
फिलहाल, अस्पताल में सफल प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और बाल कल्याण समिति (CWC) की कड़ी निगरानी में हैं। समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खाती ने बताया कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद किशोरी और उसके नवजात शिशु को सुरक्षित रखने के लिए 'राजकीय दत्तक ग्रहण अभिकरण' में भेजा जाएगा। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही पकड़कर जेल भेजा जाएगा।