पुणे न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र के पुणे में 'एक राष्ट्र, एक नंबर' की अवधारणा पर आधारित भारत सीरीज (BH Series) को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पुणे क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने इस सीरीज के तहत कुल 7,394 वाहनों का पंजीकरण किया, जो पिछले वर्षों के मुकाबले एक बड़ी बढ़त दर्शाता है। पुणे का एक प्रमुख आईटी और कॉर्पोरेट हब होना इस लोकप्रियता का मुख्य कारण माना जा रहा है।
BH सीरीज की लोकप्रियता के मुख्य कारण:
निर्बाध आवाजाही: इस सीरीज का सबसे बड़ा फायदा यह है कि वाहन मालिक को एक राज्य से दूसरे राज्य में शिफ्ट होने पर दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की झंझट नहीं रहती। सामान्य नियमों के तहत दूसरे राज्य में वाहन चलाने की समय सीमा 12 महीने होती है, लेकिन BH सीरीज में ऐसी कोई पाबंदी नहीं है।
पुणे का कॉर्पोरेट स्वरूप: पुणे में केंद्र सरकार, अर्ध-सरकारी संस्थानों और कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) के दफ्तर हैं। यहां काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला अक्सर अलग-अलग राज्यों में होता रहता है, जिनके लिए यह सीरीज एक वरदान साबित हो रही है।
पंजीकरण के आंकड़े: पिछले वित्त वर्ष में पंजीकृत 7,394 वाहनों में से 4,637 कारों के मालिकों ने इसे चुना, जबकि 2,757 दोपहिया वाहनों के लिए यह सीरीज ली गई।
BH सीरीज नंबर प्लेट की पहचान:
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 2021 में शुरू की गई इस सीरीज की नंबर प्लेट का एक विशिष्ट प्रारूप होता है। इसमें सबसे पहले पंजीकरण वर्ष के अंतिम दो अंक होते हैं, उसके बाद 'BH' कोड, फिर एक चार अंकों का वाहन नंबर और अंत में 'A' से 'Z' के बीच के अक्षर होते हैं।
पुणे आरटीओ के आंकड़ों से स्पष्ट है कि आधुनिक कार्य संस्कृति और बार-बार होने वाले तबादलों के बीच, 'BH सीरीज' वाहन मालिकों के लिए कागजी कार्रवाई को कम करने और देश भर में बिना किसी रोक-टोक के सफर करने का सबसे प्रभावी जरिया बन गई है।