पुणे न्यूज डेस्क: पुणे के नांदोशी में ‘लता-आशा मंगेशकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस’ के भूमि पूजन समारोह का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने मुख्य संदेश देते हुए कहा कि नि:स्वार्थ बुद्धि और प्रामाणिकता ही सेवा कार्यों की सफलता का आधार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब सेवा अपनेपन के भाव से की जाती है, तभी वह वास्तव में 'धर्म' का रूप लेती है और समाज में अच्छाई को जीवित रखती है।
समारोह के दौरान मंच पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, पंडित हृदयनाथ मंगेशकर और उषा मंगेशकर जैसी गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत में दिवंगत आशाताई भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सरसंघचालक जी ने अपने संबोधन में शिक्षा और स्वास्थ्य को अनिवार्य मानवीय आवश्यकताओं में शामिल करने की बात कही। उन्होंने नागरिकों का आह्वान किया कि शासन के प्रयासों के साथ-साथ 'यह देश मेरा है' के भाव से समाज को भी ऐसे सेवा प्रकल्पों में सहभागी बनना चाहिए।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगेशकर परिवार की प्रखर देशभक्ति और उनके सावरकर जी के साथ गहरे रिश्तों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि व्यावसायिकता के इस दौर में भी दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल ने कभी सेवा का सौदा नहीं किया। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार इस नए अस्पताल के बुनियादी ढांचे, जैसे सड़क चौड़ीकरण और पानी की सुविधा के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी आशा भोसले के संघर्षमयी जीवन की सराहना करते हुए कहा कि मंगेशकर परिवार ने संगीत के माध्यम से राष्ट्रभक्ति को संजोया है।
संस्थान के चिकित्सा निदेशक डॉ. धनंजय केलकर ने बताया कि इस प्रस्तावित अस्पताल में आठ मुख्य विभाग होंगे। पहले चरण में एक मेडिकल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तैयार किया जाएगा, जिसके साथ ही महर्षि कर्वे स्त्री शिक्षा संस्था के सहयोग से एक मेडिकल कॉलेज का भी निर्माण होगा। यह संस्थान आने वाले समय में हजारों परिवारों के लिए किफायती और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवा का केंद्र बनेगा।