पुणे न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र इस समय मौसम के दोहरे मिजाज का सामना कर रहा है। एक तरफ जहां मुंबई से लेकर नागपुर तक पूरा राज्य भीषण गर्मी और तपिश की चपेट में है, वहीं दूसरी ओर 'प्री-मानसून सिस्टम' के सक्रिय होने से कई जिलों में बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान का खतरा मंडरा रहा है। पुणे के लोहेगांव में पारा 41.9°C तक जा पहुंचा है, जिसने इसे राज्य के सबसे गर्म इलाकों की सूची में शीर्ष पर ला खड़ा किया है। कर्नाटक और महाराष्ट्र के ऊपर बने एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण तापमान में यह अचानक उछाल देखा जा रहा है।
पुणे और उसके आसपास के क्षेत्रों में गर्मी का आलम यह है कि शिवाजीनगर और कोरेगांव पार्क जैसे इलाकों में भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है। हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार के लिए राहत का संकेत भी दिया है। पूर्वानुमान के मुताबिक, शाम तक आसमान में बादल छाने और बिजली कड़कने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। मगरपट्टा और लवाले जैसे क्षेत्रों में भी तापमान भले ही 40 डिग्री से थोड़ा कम रहा हो, लेकिन उमस और लू के थपेड़ों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
नासिक और उत्तरी महाराष्ट्र के जिलों में भी मौसम में बड़ा बदलाव देखा गया है। नासिक में न्यूनतम तापमान में रिकॉर्ड 6.6°C की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे सुबह की ठंडक पूरी तरह गायब हो गई है। मौसम विभाग ने नासिक सहित अहिल्यानगर, नंदुरबार और धुले के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। जलगांव इस क्षेत्र का सबसे गर्म शहर बना हुआ है, जहाँ अधिकतम तापमान 41.6°C तक पहुंच गया है। गर्मी के इस बढ़ते स्तर के बीच अचानक आने वाले आंधी-तूफान ने स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
बेमौसम बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेषकर किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खेतों में खड़ी फसलों और कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखने का आग्रह किया गया है ताकि आर्थिक नुकसान से बचा जा सके। आने वाले 48 घंटों में मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के कई हिस्सों में मौसम का यह अनिश्चित मिजाज जारी रहने की संभावना है, जो एक ओर गर्मी से आंशिक राहत दे सकता है तो दूसरी ओर फसलों के लिए संकट खड़ा कर सकता है।