पुणे न्यूज डेस्क: जिले की कोऑपरेटिव चीनी फैक्ट्रियों के मौजूदा पेराई सीजन में सोमेश्वर, माळेगांव और श्री छत्रपति फैक्ट्रियां सबसे बेहतर प्रदर्शन करती नजर आ रही हैं। गन्ना पेराई, चीनी उत्पादन और रिकवरी—तीनों ही मोर्चों पर इन मिलों के बीच कड़ा मुकाबला है। इस सीजन में चीनी रिकवरी के मामले में सोमेश्वर फैक्ट्री ने जिले में पहला स्थान हासिल किया है।
वहीं श्री छत्रपति कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री ने चीनी रिकवरी में माळेगांव फैक्ट्री को पीछे छोड़ दिया है। श्री छत्रपति फैक्ट्री ने माळेगांव से 0.16 प्रतिशत ज्यादा रिकवरी दर्ज की है। आंकड़ों के मुताबिक, सोमेश्वर फैक्ट्री को औसतन 11.10 प्रतिशत चीनी रिकवरी मिली है, जबकि श्री छत्रपति फैक्ट्री 10.85 प्रतिशत रिकवरी के साथ दूसरे नंबर पर है।
चीनी उत्पादन के मामले में भी सोमेश्वर फैक्ट्री सबसे आगे चल रही है। अब तक सोमेश्वर मिल में 5 लाख 25 हजार 803 टन गन्ने की पेराई हो चुकी है, जिससे 5 लाख 81 हजार 100 क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है। माळेगांव फैक्ट्री ने 5 लाख 6 हजार 954 टन गन्ने की पेराई कर 5 लाख 32 हजार 200 क्विंटल चीनी बनाई है, जबकि श्री छत्रपति फैक्ट्री ने 4 लाख 33 हजार 295 टन गन्ने की पेराई से 4 लाख 61 हजार 200 क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। तीनों फैक्ट्रियों के पेराई सीजन को अब 56 दिन पूरे हो चुके हैं।
श्री छत्रपति फैक्ट्री ने इस सीजन में 12 लाख टन गन्ना पेराई का लक्ष्य तय किया है। फैक्ट्री के चेयरमैन पृथ्वीराज जाचक के नेतृत्व में बेहतर योजना और समय पर फैसलों का असर उत्पादन पर साफ दिख रहा है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स लगातार किसानों से अधिक से अधिक गन्ना फैक्ट्री तक भेजने की अपील कर रहा है, ताकि तय लक्ष्य को समय पर पूरा किया जा सके।