पुणे न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों की सरगर्मी के बीच पवार परिवार की सियासत ने एक नया मोड़ ले लिया है। लंबे समय बाद पारिवारिक और राजनीतिक खींचतान के बीच एकजुटता की तस्वीर सामने आई है। अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शरद पवार की राकांपा (शरदचंद्र पवार) ने पुणे में भी साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
इससे पहले पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनाव के लिए दोनों दलों के गठबंधन की घोषणा की जा चुकी थी। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने प्रचार के दौरान कहा कि अब ‘परिवार’ एक साथ आ गया है। वहीं एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने भी साफ किया कि यह फैसला पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के जमीनी कार्यकर्ताओं की इच्छा के चलते लिया गया है, जो लंबे समय से दोनों दलों को साथ देखना चाहते थे।
अजित पवार ने कार्यकर्ताओं से चुनावी रैलियों में संयम बरतने और किसी भी तरह के विवाद से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनका फोकस विकास पर है और उन ताकतों को हटाया जाएगा जिन्होंने नगर निगम को कर्ज में डुबोने की कोशिश की। इसी बीच दिन की शुरुआत में पूरा पवार परिवार बारामती में एक कार्यक्रम में मौजूद रहा, जहां उद्योगपति गौतम अदाणी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े एक सेंटर का उद्घाटन किया।
हालांकि इस गठबंधन को लेकर विरोध भी शुरू हो गया है। पुणे के पूर्व महापौर और एनसीपी-एसपी की नगर इकाई के अध्यक्ष प्रशांत जगताप ने गठबंधन का विरोध करते हुए पार्टी छोड़ दी और कांग्रेस में शामिल हो गए। गौरतलब है कि पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे समेत राज्य के 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को होंगे, जबकि मतगणना अगले दिन की जाएगी।