पुणे न्यूज डेस्क: चार साल के लंबे अंतराल के बाद सोमवार को पुणे नगर निगम (PMC) को नया मेयर और डिप्टी मेयर मिलने जा रहा है। हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों के बाद यह चुनाव त्रिकोणीय मुकाबले के बीच होगा। नए मेयर के चुने जाने के साथ ही PMC में चल रहा प्रशासनिक शासन खत्म हो जाएगा, क्योंकि पिछली मेयर का कार्यकाल फरवरी 2022 में समाप्त हो गया था और इसके बाद चार साल तक चुनाव न होने से पद खाली रहा।
बीजेपी इस चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और उसके पास स्पष्ट बहुमत है, ऐसे में पार्टी का मेयर बनना लगभग तय माना जा रहा है। सिंहगढ़ रोड क्षेत्र की कॉरपोरेटर मंजुषा नागपुरे को बीजेपी ने मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है। उनके खिलाफ एनसीपी की शीतल सावंत और कांग्रेस की अश्विनी लांडगे मैदान में हैं।
डिप्टी मेयर पद के लिए बीजेपी ने अपने सहयोगी दल रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया को मौका दिया है। आरपीआई के उम्मीदवार परशुराम वाडेकर का मुकाबला एनसीपी के दत्ता बहिरट और कांग्रेस के साहिल केदारी से होगा। मौजूदा स्थिति में बीजेपी के पास 119 कॉरपोरेटर हैं, जबकि एनसीपी के 27, कांग्रेस के 15 और एनसीपी (एसपी) के 3 सदस्य हैं।
बीजेपी के शहर अध्यक्ष धीरज घाटे ने कहा कि पार्टी नेतृत्व से चर्चा के बाद उम्मीदवार तय किए गए हैं और यह साफ है कि मेयर बीजेपी से ही होगा। वहीं, राज्य में बीजेपी के साथ सत्ता में होने के बावजूद एनसीपी इस चुनाव में विपक्ष की भूमिका में है। एनसीपी नेता निलेश निकम ने कहा कि पार्टी अपनी रणनीति तय कर उसी के अनुसार कदम उठाएगी। गौरतलब है कि पुणे सहित राज्य की कई नगर निगमों में इस बार सामान्य वर्ग से महिला मेयर चुनी जानी है।