पुणे न्यूज डेस्क: पुणे शहर में हाल ही में डॉक्टरों की सतर्कता और समय पर किए गए इलाज से एक साल के मासूम बच्चे की जान बचा ली गई। Sassoon General Hospital के ईएनटी (कान-नाक-गला) विभाग में यह जटिल मामला सफलतापूर्वक संभाला गया, जहां बच्चे के श्वसन मार्ग में फंसे पत्थर को निकालकर उसकी जान बचाई गई।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, यह घटना तब हुई जब बच्चा खेलते समय गलती से एक छोटा पत्थर निगल गया। शुरुआती तौर पर उसे एक स्थानीय डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां परिजनों को बताया गया कि पत्थर मल के जरिए बाहर निकल जाएगा। लेकिन अगले ही दिन बच्चे को रुक-रुक कर खांसी आने लगी, जिससे घबराकर परिजन उसे तुरंत ससून अस्पताल लेकर पहुंचे।
यहां ईएनटी टीम के प्रमुख Dr Rahul Telang ने बच्चे की जांच की। एक्स-रे में पाया गया कि पत्थर श्वासनली के दो हिस्सों में बंटने वाले स्थान (कैरिना) तक पहुंच गया था और दाहिनी ब्रोंकस में फंसा हुआ था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 30 मार्च को तुरंत इमरजेंसी रिगिड ब्रोंकोस्कोपी की गई, जो एक विशेष प्रक्रिया है जिसमें धातु की ट्यूब के जरिए श्वसन मार्ग की जांच और उपचार किया जाता है।
ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने सावधानीपूर्वक पत्थर को खोजकर सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया। डॉक्टरों के अनुसार, अगर समय रहते पत्थर नहीं निकाला जाता, तो यह बच्चे के श्वसन मार्ग में गंभीर रुकावट और ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकता था। फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर और संतोषजनक बताई जा रही है।