पुणे न्यूज डेस्क: मध्य रेलवे के पुणे मंडल ने चालू वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में माल ढुलाई के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। पश्चिमी महाराष्ट्र में खासतौर पर चीनी परिवहन से विभाग ने 210 करोड़ रुपये से अधिक की आय अर्जित की है। 1 अप्रैल 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच करीब 7.92 लाख टन चीनी की ढुलाई की गई, जिससे कुल ₹210.49 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। यह आंकड़ा दर्शाता है कि थोक परिवहन के लिए उद्योगों का झुकाव तेजी से रेल की ओर बढ़ रहा है।
पश्चिमी महाराष्ट्र के विभिन्न लोडिंग केंद्रों से कुल 1,441 रेक संचालित किए गए। कोल्हापुर, सांगली, सतारा और पुणे के आसपास स्थित चीनी मिलों ने कम लागत, विश्वसनीयता और बेहतर सुविधाओं के कारण रेल परिवहन को प्राथमिकता दी। इन क्षेत्रों से चीनी, गुड़ और अन्य उत्पादों को उपभोग केंद्रों और बंदरगाहों तक पहुंचाया गया।
चीनी के अलावा ऑटोमोबाइल क्षेत्र भी माल ढुलाई में महत्वपूर्ण रहा। कुल 593 रेकों के जरिए 2.17 लाख टन से अधिक वाहन और संबंधित सामग्री भेजी गई, जिससे ₹98.18 करोड़ की आय हुई। वहीं पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई से भी अच्छा राजस्व प्राप्त हुआ, जहां 250 रेकों के माध्यम से लगभग 6.44 लाख टन माल परिवहन कर ₹37.15 करोड़ कमाए गए। रेलवे सामग्री और प्याज की ढुलाई से भी विभाग को अतिरिक्त आय प्राप्त हुई।
मंडल के प्रमुख परिवहन केंद्रों में चिंचवड, खड़की और लोनी जैसे स्थान शामिल हैं, जहां से चार पहिया वाहनों को देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जाता है। इसके अलावा बारामती, सांगली और सतारा से कृषि और खाद्य उत्पादों की ढुलाई होती है। प्रमुख ऑटोमोबाइल टर्मिनलों में कलंबोली (मुंबई), अजानी (नागपुर मंडल), नासिक रोड और दौंड जैसे स्थान शामिल हैं। यह पूरी व्यवस्था दर्शाती है कि रेलवे न केवल औद्योगिक बल्कि कृषि उत्पादों के परिवहन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।