पुणे न्यूज डेस्क: आयकर विभाग 1 अप्रैल से एक अहम बदलाव लागू करने जा रहा है, जिससे बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद में रहने वाले लाखों सैलरीड प्रोफेशनल्स को राहत मिल सकती है। प्रस्ताव के तहत इन शहरों को मेट्रो कैटेगरी में शामिल किया जा सकता है, जिससे कर्मचारियों को हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर ज्यादा टैक्स छूट मिलेगी।
अब तक मेट्रो शहरों की सूची में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता ही शामिल थे, जहां कर्मचारियों को बेसिक सैलरी और डीए का 50% तक HRA छूट मिलती है। नए बदलाव के बाद यही लाभ नए शामिल शहरों में रहने वालों को भी मिलेगा, जिससे उनकी टैक्सेबल इनकम कम होगी और इन-हैंड सैलरी बढ़ेगी।
हालांकि, इस सुविधा का लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) को चुनते हैं। खासतौर पर वे लोग ज्यादा लाभ में रहेंगे जिनकी सैलरी स्ट्रक्चर में HRA का हिस्सा अधिक है और जो ऊंचे किराए वाले इलाकों में रहते हैं। बढ़ती आवास लागत को देखते हुए यह कदम मध्यम और उच्च आय वर्ग के लिए राहतभरा साबित हो सकता है।
इसके साथ ही आयकर विभाग ने HRA क्लेम को लेकर नियमों को सख्त किया है। यदि सालाना किराया 1 लाख रुपये से अधिक है, तो मकान मालिक का PAN देना अनिवार्य होगा। साथ ही, अब सिर्फ किराया रसीद ही नहीं, बल्कि बैंक स्टेटमेंट या डिजिटल पेमेंट का प्रमाण भी रखना जरूरी होगा। नियमों का पालन न करने पर HRA क्लेम खारिज किया जा सकता है।