पुणे न्यूज डेस्क: साकेत पेट्रोल पंप के पास दो छात्रों की हत्या के मामले में फरार चल रहा आरोपी कृष्णकांत उर्फ केके ठाकुर आखिरकार 14 साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वह इतने वर्षों से अपने परिवार के साथ पुणे में छिपकर रह रहा था और एक निजी कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर काम कर रहा था। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर सिविल लाइंस पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में उसके तीन साथी पहले ही गिरफ्तार होकर जेल जा चुके थे, हालांकि वे अब जमानत पर बाहर हैं और मुकदमा अभी हाईकोर्ट में लंबित है।
यह सनसनीखेज घटना 11 जून 2012 की रात की है, जब सिविल लाइंस क्षेत्र के प्रभात नगर स्थित साकेत पेट्रोल पंप पर दो छात्र गुटों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि फायरिंग हो गई। इस गोलीबारी में भावनपुर निवासी राहुल और गौतमबुद्धनगर निवासी शिवम की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया कि बुढ़ाना गेट की एक युवती को लेकर दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी, जो इस हत्याकांड की वजह बनी।
पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए रंजीत उर्फ गब्बर, अनुज और विक्की को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। ये सभी आरोपी सीताराम हॉस्टल में रहते थे। वहीं, चौथा आरोपी केके ठाकुर घटना के बाद से फरार हो गया था। मूल रूप से गोरखपुर के करवल माइने गांव का रहने वाला केके ठाकुर बाद में पुणे में जाकर बस गया और अपनी पहचान छिपाकर सामान्य जीवन जी रहा था।
करीब 14 साल तक फरार रहने के बाद पुलिस को उसकी लोकेशन की जानकारी मिली और उसे पुणे से गिरफ्तार कर लिया गया। बुधवार को उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस हत्याकांड में अभी तक अंतिम फैसला नहीं आया है और मामले की सुनवाई जारी है। मृतकों में राहुल बीए की पढ़ाई कर रहा था, जबकि शिवम एमए का छात्र था और कई वर्षों से मेरठ में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था।