पुणे न्यूज डेस्क: पुणे में मेट्रो परियोजना से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां बोरवेल ड्रिलिंग के दौरान भूमिगत मेट्रो टनल को नुकसान पहुंचने का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने ठेकेदार और मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
यह घटना 14 मार्च को शिवाजी रोड क्षेत्र में हुई, जहां एक निजी संपत्ति पर बोरवेल की खुदाई की जा रही थी। बताया जा रहा है कि ड्रिलिंग के दौरान शिवाजीनगर और स्वारगेट मेट्रो स्टेशनों के बीच चल रहे मेट्रो कॉरिडोर की टनल को नुकसान पहुंचा, जिसमें करीब छह इंच का छेद हो गया। यह क्षति मंडई मेट्रो स्टेशन के पास सामने आई, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अधिकारियों के मुताबिक मेट्रो टनल जमीन से करीब 80 से 100 फीट नीचे स्थित है। इस संबंध में महामेट्रो के अधिकारी शंतनु गोरात्रा की शिकायत पर पुलिस ने ठेकेदार और मकान मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 (लापरवाही से जीवन को खतरे में डालना) और 324 (शरारत) के तहत मामला दर्ज किया है। वरिष्ठ निरीक्षक शशिकांत चव्हाण ने बताया कि आगे जोखिम रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों को जमीन के नीचे मेट्रो लाइन होने की जानकारी थी, इसके बावजूद ड्रिलिंग जारी रखी गई, जिससे टनल की छत को नुकसान पहुंचा। हालांकि मकान मालिक ने लापरवाही से इनकार करते हुए कहा कि पुरानी इमारत जर्जर होने के कारण हटाई गई थी और ड्रिलिंग केवल पाइप साफ करने के लिए सीमित स्तर तक की गई थी।
महामेट्रो के प्रवक्ता के अनुसार, भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए भूजल विभाग और स्थानीय निकायों के साथ समन्वय शुरू कर दिया गया है। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर लोगों को जागरूक करने के लिए एडवाइजरी जारी की जाएगी।