पुणे न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगाने की तय अंतिम तारीख 31 दिसंबर थी, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे काफी अलग नज़र आ रही है। पुणे में अब तक सिर्फ करीब 10 लाख वाहनों में ही सिक्योरिटी नंबर प्लेट लग पाई है, जबकि शहर में कुल लगभग 26 लाख गाड़ियों में यह प्लेट लगनी है। बार-बार समयसीमा बढ़ाने के बावजूद बड़ी संख्या में वाहन मालिकों ने अब तक HSRP नहीं लगवाई है, जिससे परिवहन विभाग की चिंता बढ़ गई है।
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, 1 अप्रैल 2019 से पहले बने सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य किया गया था। इसी आदेश के तहत जनवरी 2025 से इस प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया जा रहा है। इसका मकसद सड़क दुर्घटनाओं और आपराधिक मामलों में शामिल वाहनों की पहचान आसान बनाना और वाहन सुरक्षा को बेहतर करना है। इन नंबर प्लेट्स की मदद से किसी भी संदिग्ध वाहन का पता लगाना आसान हो जाता है।
आंकड़ों पर नज़र डालें तो पुणे में अब तक लगभग 10 लाख वाहन मालिकों ने HSRP के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनमें से करीब 8 लाख वाहनों में प्लेट लग भी चुकी है। यानी अब भी लगभग 16 लाख गाड़ियां ऐसी हैं, जिनमें सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी है। परिवहन विभाग अब तक पांच बार डेडलाइन बढ़ा चुका है, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल पा रही है।
दिसंबर महीने में सिर्फ 50 हजार वाहन मालिकों ने HSRP के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, जो बेहद धीमी रफ्तार मानी जा रही है। विभाग की ओर से फिटमेंट सेंटर बढ़ाने की कोशिश भी की गई, लेकिन उसका खास असर नहीं दिखा। मौजूदा स्थिति में करीब 65 प्रतिशत वाहनों में अब भी सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या सरकार एक बार फिर समयसीमा बढ़ाएगी या फिर नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की जाएगी।