पुणे न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र में 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच सत्तारूढ़ महायुति के प्रमुख नेता और डिप्टी सीएम अजित पवार के एक कदम ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को हवा दे दी है। सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार ने पुणे नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस से संपर्क साधा है और कांग्रेस नेता सतेज पाटिल को देर रात फोन किया।
सूत्र बताते हैं कि फोन पर बातचीत के दौरान अजित पवार ने संभावित गठबंधन पर चर्चा का प्रस्ताव रखा। इस पर सतेज पाटिल ने साफ कहा कि इस तरह के किसी भी फैसले से पहले उन्हें अपनी पार्टी नेतृत्व से बात करनी होगी। कांग्रेस की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि पार्टी पुणे नगर निगम चुनाव में सम्मानजनक सीट हिस्सेदारी से कम पर कोई समझौता नहीं करेगी।
हालांकि, एनसीपी (अजित पवार गुट) और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावना फिलहाल कमजोर मानी जा रही है। वजह यह है कि 165 सदस्यों वाले पुणे नगर निगम में कांग्रेस कम सीटों पर चुनाव लड़ने को तैयार नहीं है। सूत्रों के अनुसार, महाविकास अघाड़ी में लोकसभा चुनाव के दौरान पुणे सीट कांग्रेस को मिलने के बाद पार्टी अब अपनी जमीनी ताकत को और मजबूत करना चाहती है, जिसके लिए उसे ज्यादा सीटों की जरूरत है।
इधर, यह भी साफ हो चुका है कि पुणे नगर निगम चुनाव में बीजेपी और अजित पवार की एनसीपी अलग-अलग मैदान में उतरेंगी। वहीं कांग्रेस अपने पारंपरिक सहयोगियों शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार गुट की एनसीपी से बातचीत में जुटी है। इसी बीच अजित पवार और शरद पवार गुट के बीच संवाद की अटकलें भी तेज हैं। इस पर सुप्रिया सुले ने हाल ही में कहा था कि यदि कोई सुझाव आता है तो उस पर चर्चा के लिए दरवाजे खुले हैं।