पुणे न्यूज डेस्क: पुणे महानगरपालिका चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज़ होती जा रही हैं। इसी बीच पहली बार ऐसा देखने को मिला है जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजित पवार गुट और शरद पवार गुट के नेता एक साथ बैठकर चुनावी रणनीति पर चर्चा करते नज़र आए। यह बैठक खास तौर पर सीट बंटवारे को लेकर हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी। सूत्रों के मुताबिक, इस चुनाव को लेकर फिलहाल महाविकास आघाड़ी के तहत लड़ने की कोई योजना नहीं है और दोनों एनसीपी गुट मिलकर मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि पुणे में हाल के नगरपरिषद और नगराध्यक्ष चुनावों में अजित पवार गुट के बेहतर प्रदर्शन ने इस साझा रणनीति की संभावना को और मज़बूत किया है। दोनों पक्षों का मानना है कि अगर वे साथ मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो इसका सीधा फायदा पार्टी को मिल सकता है। इसी वजह से पुणे महानगरपालिका चुनाव को लेकर आपसी बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ है।
हालांकि सीटों की संख्या को लेकर दोनों गुटों के बीच मतभेद साफ दिख रहे हैं। शरद पवार गुट का कहना है कि वे 40 से 45 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहते हैं, क्योंकि पुणे में उनका पुराना जनाधार और मज़बूत संगठन रहा है। वहीं अजित पवार गुट फिलहाल 30 सीटों से ज़्यादा देने के पक्ष में नहीं है। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच लगातार चर्चा चल रही है। बैठक में अजित पवार गुट की ओर से सुभाष जगताप और सुनील टिंगरे मौजूद थे, जबकि शरद पवार गुट से विशाल तांबे और अंकुश काकड़े ने हिस्सा लिया।
सीट शेयरिंग को लेकर अगली अहम बातचीत जल्द होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, आज शरद पवार गुट के नेता सुप्रिया सुले से मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में भी शरद पवार गुट अपनी सीटों की मांग दोहराएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि पुणे महानगरपालिका चुनाव में एनसीपी के दोनों गुट किस फार्मूले पर सहमत होते हैं।