पुणे न्यूज डेस्क: गुरुवार को पुणे की हवा अचानक खराब हो गई और शहर की समग्र एयर क्वालिटी 'खराब' श्रेणी में दर्ज की गई। शिवाजीनगर, लोहेगांव और भूमकर नगर जैसे प्रमुख मॉनिटरिंग स्टेशनों पर प्रदूषण का स्तर 300 से ऊपर पहुंच गया, जिससे ये इलाके ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आ गए। शाम करीब 9 बजे समीर ऐप के अनुसार पूरे शहर का औसत AQI 213 दर्ज हुआ, जो इस महीने दूसरी बार इतनी खराब स्थिति दर्शाता है।
डेटा के मुताबिक भूमकर नगर का AQI 309, MHADA कॉलोनी (लोहेगांव) का 304 और शिवाजीनगर का 311 रिकॉर्ड किया गया। नवंबर की अपेक्षाकृत ठंडी लेकिन मध्यम प्रदूषण वाली हवा के बाद दिसंबर की शुरुआत में हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ी है। पहले भी 1 दिसंबर को पुणे का AQI 202 दर्ज किया गया था, जो प्रदूषण में लगातार बढ़ोतरी का संकेत है।
IITM की MAQWS यूनिट के प्रमुख सचिन घुडे ने गिरते तापमान, कम हवा की गति और निर्माण कार्यों व ट्रैफिक से होने वाले उत्सर्जन को इस बिगड़ी स्थिति का मुख्य कारण बताया। उनके अनुसार, तापमान कम होने से हवा भारी और स्थिर हो गई है, जिससे वेंटिलेशन बेहद कमजोर हो जाता है। ऐसे में धूल, स्मॉग और अन्य प्रदूषक नीचे ही जमते रहते हैं, जिससे AQI तेजी से बढ़ता है।
इस बीच महाराष्ट्र पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (MPCB) से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश नाकाम रही। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सर्दियां बढ़ने के साथ प्रदूषण स्तर और बढ़ सकते हैं, खासकर तब जब धूल नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और कचरा जलाने पर रोक जैसे उपाय प्रभावी रूप से लागू न किए जाएं। पुणे और पिंपरी चिंचवड़ के अन्य स्टेशनों पर भी AQI ऊंचा देखा गया, हालांकि सबसे प्रभावित इलाकों जितना नहीं।