पुणे न्यूज डेस्क: पुणे में हुए हाई-वैल्यू कार लोन फ्रॉड मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 और 26 नवंबर को शहर के 12 ठिकानों पर छापेमारी की। यह सर्च ऑपरेशन PMLA के तहत चलाया गया, जिसमें कार डीलर्स, लोन लेने वाले और एसबीआई के उस समय के शाखा प्रबंधक के ठिकाने शामिल थे। यह जांच सीबीआई, ACB पुणे और शिवाजीनगर थाने में दर्ज FIR के आधार पर शुरू की गई थी।
जांच में पता चला कि 2017 से 2019 के बीच एसबीआई यूनिवर्सिटी रोड शाखा के चीफ मैनेजर अमर कुलकर्णी ने ऑटो लोन काउंसलर आदित्य सेठिया और कुछ चुनिंदा उधारकर्ताओं के साथ मिलकर बैंक को धोखा दिया। आरोप है कि फर्जी कागजात के जरिए महंगी कारों के लिए बढ़ी हुई रकम के कोटेशन जमा किए गए और बिना ठीक से वेरिफिकेशन किए उच्च राशि के लोन मंजूर कर दिए गए, जिससे बैंक को भारी नुकसान पहुंचा।
फर्जीवाड़े से जिन लग्जरी कारों की खरीद सामने आई, उनमें बीएमडब्ल्यू, वोल्वो, मर्सिडीज और लैंड रोवर जैसी कारें शामिल हैं। नकली दस्तावेजों के आधार पर लिए गए इन लोन में बैंक अधिकारियों की मिलीभगत साफ दिखाई दी। ईडी की कार्रवाई में कई महंगी गाड़ियों के साथ-साथ जमीन और अन्य संपत्तियों को भी जब्त किया गया है।
छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, नकली कोटेशन और अन्य रिकॉर्ड भी बरामद किए गए। ईडी का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर और नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल सभी जब्तियां PMLA की धारा 17 के तहत की गई हैं और एजेंसी इस मामले में आगे कई खुलासों की उम्मीद कर रही है।