पुणे न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन (IGR) ने सोमवार को अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी की अपील पर अगली सुनवाई 6 अप्रैल तय की है। कंपनी ने दस्तावेज जमा करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी, जिसे स्वीकार करते हुए सुनवाई आगे बढ़ा दी गई।
राज्य के रजिस्ट्रेशन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कंपनी के वकीलों ने कुछ सरकारी दस्तावेज जुटाने के लिए कम से कम एक महीने का समय मांगा। इसी के बाद IGR ने अगली तारीख 6 अप्रैल निर्धारित की।
यह मामला मुंढवा इलाके में करीब 40 एकड़ सरकारी जमीन के विवादित रजिस्ट्रेशन से जुड़ा है। आरोप है कि पावर ऑफ अटॉर्नी धारक शीतल तेजवानी के साथ हुए इस सौदे में निलंबित रजिस्ट्रार आर.बी. तरु ने स्टांप ड्यूटी में अवैध छूट दी थी।
अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी, जिसमें दिग्विजय पाटिल और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार साझेदार हैं, को मई 2025 में हुए इस सौदे पर 21 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी की कमी भरने के लिए कहा गया है। साथ ही महाराष्ट्र स्टांप एक्ट के तहत हर महीने 1% की दर से पेनल्टी भी लागू है, जब तक भुगतान नहीं किया जाता।
कंपनी ने 10 फरवरी की तय समयसीमा के बाद यह अपील दायर की थी, जबकि पहली सुनवाई 16 फरवरी को हुई थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की स्टांप ड्यूटी माफी नहीं दी गई है और मामला अर्ध-न्यायिक प्रक्रिया के तहत है।