पुणे न्यूज डेस्क: पुणे के चर्चित पोर्शे हिट एंड रन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल को जमानत दे दी है। अग्रवाल करीब 22 महीनों से जेल में बंद थे। यह मामला मई 2024 का है, जब नाबालिग आरोपी ने तेज रफ्तार पोर्शे कार से मोटरसाइकिल सवार दो लोगों को टक्कर मार दी थी, जिसमें एक युवक और एक युवती की मौत हो गई थी। दोनों आईटी सेक्टर में काम करते थे।
मामले की जांच के दौरान सामने आया था कि विशाल अग्रवाल ने अपने बेटे को बचाने के लिए दुर्घटना की जिम्मेदारी खुद पर लेने की कोशिश की थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि केवल इस आधार पर किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता को लंबे समय तक सीमित नहीं किया जा सकता। अदालत ने कुछ शर्तों के साथ उन्हें जमानत देने का फैसला किया।
सुनवाई के दौरान अग्रवाल की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी और अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने दलीलें पेश कीं। उन्होंने अदालत को बताया कि ऐसे मामलों में पहले भी आरोपियों को जमानत मिलती रही है। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि आरोप साबित होने से पहले किसी को लंबे समय तक जेल में रखना कितना उचित है।
न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्न और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने अग्रवाल को जांच में पूरा सहयोग करने, गवाहों को प्रभावित न करने और किसी भी तरह से सबूतों से छेड़छाड़ न करने की शर्त पर जमानत दी है। अदालत ने निचली अदालत को मामले की सुनवाई जल्द पूरा करने का निर्देश भी दिया है। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि आरोपी शर्तों का उल्लंघन करता है तो राज्य सरकार उसकी जमानत रद्द कराने के लिए आवेदन कर सकती है।