पुणे न्यूज डेस्क: पुणे के आलंदी क्षेत्र में एक आध्यात्मिक शिक्षा संस्थान को नगर परिषद और महिला एवं बाल कल्याण विभाग की संयुक्त कार्रवाई में बंद कर दिया गया। अधिकारियों को यहां नाबालिग लड़कियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और बाल संरक्षण से जुड़े कई नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले थे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस और जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम ने संस्थान का निरीक्षण किया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान संस्थान में रह रहे कुल 47 बच्चों को वहां से हटाकर सरकारी बाल देखभाल केंद्रों में भेज दिया गया। इनमें 43 लड़के और चार लड़कियां शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में पुनर्वास के लिए सरकारी संस्थानों में स्थानांतरित किया गया है।
यह संस्थान बच्चों को भजन, कीर्तन और धार्मिक प्रवचन की शिक्षा देता था। यहां बच्चों को तबला, पखावज और हारमोनियम जैसे वाद्य यंत्रों का प्रशिक्षण भी दिया जाता था। बताया गया कि इस संस्थान की शाखाएं आलंदी के अलावा नांदेड़ में भी संचालित हो रही थीं और यह मुख्य रूप से दान के माध्यम से चलता था। यहां पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र से आते थे।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह भी पता चला कि संस्थान बच्चों को आवासीय सुविधा देने के लिए जरूरी सरकारी अनुमति के बिना ही संचालित किया जा रहा था। साथ ही, वहां रहने वाले बच्चों का उचित रिकॉर्ड भी नहीं रखा गया था। इसी मामले में एक नाबालिग लड़की के माता-पिता ने नांदेड़ में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।