पुणे न्यूज डेस्क: पुणे की एक सत्र अदालत ने कथित ब्लैक मैजिक ठगी मामले में बड़ा आदेश देते हुए पांच बैंकों को 57.59 लाख रुपये पीड़ित के खाते में ट्रांसफर करने के निर्देश दिए हैं। यह राशि तीन आरोपियों और उनकी दो निजी कंपनियों के खातों में जमा थी। मामला कोथरुड निवासी एक आईटी इंजीनियर से 14.39 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़ा है, जिसे उसकी दो बेटियों की गंभीर बीमारियों को ब्लैक मैजिक से ठीक करने का झांसा देकर ठगा गया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पी.आर. चौधरी ने 27 फरवरी को यह आदेश दिया। कोर्ट ने कोथरुड पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर दायर एक आपराधिक आवेदन पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत ने शिकायतकर्ता को 60 लाख रुपये का ‘सुपुर्दनामा’ बॉन्ड भरने और यह लिखित आश्वासन देने का निर्देश भी दिया कि जरूरत पड़ने पर वह यह रकम मामले की सुनवाई के दौरान वापस जमा करेगा।
पुलिस के अनुसार, एक महिला जो खुद को आध्यात्मिक उपचार करने वाली बताती थी, अपने पति और एक कथित गुरु के साथ मिलकर इंजीनियर और उसके परिवार को कई वर्षों तक झांसे में रखती रही। आरोपियों ने बेटियों की बीमारी ठीक करने के नाम पर कई तरह के अनुष्ठान कराने की बात कहकर उनसे भारी रकम ली और यहां तक कि परिवार को यूके और पुणे की संपत्तियां बेचने के लिए भी राजी कर लिया।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट और बीमा पॉलिसियां फ्रीज कर दी थीं। बाद में शिकायतकर्ता ने अदालत से इन खातों को डीफ्रीज कर रकम अपने खाते में ट्रांसफर करने की मांग की। आरोपियों ने भी इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई, जिसके बाद अदालत ने संबंधित बैंकों को रकम ट्रांसफर करने का आदेश दिया।