पुणे न्यूज डेस्क: राजस्थान के महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पर 29 मार्च से 26 अक्टूबर 2026 तक लागू होने वाला नया समर फ्लाइट शेड्यूल जारी कर दिया गया है। इस शेड्यूल में सबसे बड़ा बदलाव दिल्ली -उदयपुर रूट पर देखने को मिला है। जहां विंटर शेड्यूल में दिल्ली के लिए रोजाना आठ उड़ानें संचालित हो रही थीं, वहीं अब समर शेड्यूल में इनकी संख्या घटाकर केवल चार कर दी गई है। अब उदयपुर से दिल्ली के लिए केवल IndiGo और एयर इंडिया की दो-दो उड़ानें ही उपलब्ध रहेंगी। इससे नियमित रूप से कामकाज या इलाज के लिए दिल्ली जाने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
दिल्ली की उड़ानों में कटौती का असर टिकट बुकिंग और किराए पर भी पड़ने की आशंका है। यात्रियों का कहना है कि सीटें कम होने से टिकट मिलना मुश्किल हो सकता है और हवाई किराया भी बढ़ सकता है। खासतौर पर उदयपुर और आसपास के जिलों जैसे राजसमंद, चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा के लोग बड़ी संख्या में दिल्ली यात्रा करते हैं, ऐसे में उड़ानों की संख्या कम होने से उन्हें अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
वहीं मेवाड़ क्षेत्र के लोगों को इस बार भी Pune के लिए सीधी उड़ान शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन नए समर शेड्यूल में इस रूट को शामिल नहीं किया गया। अक्टूबर 2025 में इंडिगो ने उदयपुर-पुणे फ्लाइट शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन बाद में इसे तकनीकी कारणों से रद्द कर दिया गया। इसके चलते पुणे में पढ़ाई और नौकरी कर रहे मेवाड़ के हजारों लोगों को अब भी दिल्ली या मुंबई के जरिए कनेक्टिंग फ्लाइट से यात्रा करनी पड़ रही है, जिससे 5 से 10 घंटे तक अतिरिक्त समय लग जाता है।
नए शेड्यूल में जयपुर -उदयपुर रूट की दोनों उड़ानें बरकरार रखी गई हैं, हालांकि उनके समय में बदलाव किया गया है। जयपुर से सुबह 6:50 बजे रवाना होने वाली फ्लाइट अब सुबह 10:20 बजे उड़ान भरेगी और 11:25 बजे उदयपुर पहुंचेगी। वहीं दूसरी फ्लाइट के समय में भी बदलाव किया गया है और यह अब पहले से 45 मिनट पहले शाम 5:50 बजे उदयपुर पहुंचेगी। समय में इस बदलाव से यात्रियों को अपनी यात्रा योजना दोबारा बनानी पड़ सकती है।
पर्यटन नगरी उदयपुर के लिए उड़ानों की संख्या कम होना पर्यटन उद्योग पर भी असर डाल सकता है। ट्रैवल एजेंट्स का मानना है कि दिल्ली से आने वाले पर्यटकों के पास अब उड़ानों के विकल्प सीमित रह जाएंगे, जिससे विदेशी पर्यटकों की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है। स्थानीय लोगों और व्यापारिक संगठनों ने एयरलाइंस कंपनियों से उड़ानों की संख्या बढ़ाने और दक्षिण भारत के शहरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी शुरू करने की मांग की है।