पुणे न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने पुणे में स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के तहत काम करने वाले दो सहायक निदेशकों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई बच्चों के स्वास्थ्य और परिवार नियोजन कार्यक्रमों की निगरानी में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद की गई है। 12 अक्टूबर को विभाग के प्रधान सचिव ने इन कार्यक्रमों की समीक्षा की थी, जिसमें दोनों अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे।
समीक्षा के मुताबिक, एक अधिकारी बच्चों के स्वास्थ्य कार्यक्रम और दूसरे अधिकारी परिवार नियोजन कार्यक्रम की निगरानी के लिए जिम्मेदार थे। आरोप है कि दोनों ने नियमित रूप से फील्ड विजिट नहीं की और अपनी जिम्मेदारियों को भी ठीक से नहीं निभाया। विभाग ने उनके कामकाज को बेहद असंतोषजनक बताते हुए कथित लापरवाही की जांच के आदेश दिए हैं। दोनों कार्यक्रमों का काम प्रभावित न हो, इसके लिए जल्द ही अंतरिम प्रमुख नियुक्त किए जाएंगे।
निलंबन आदेश के मुताबिक, दोनों अधिकारियों का मुख्यालय छत्रपति संभाजीनगर जनरल अस्पताल कर दिया गया है। उन्हें पहले से अनुमति लिए बिना अपने तय मुख्यालय से बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी। निलंबन के दौरान वे निजी नौकरी नहीं कर सकेंगे और न ही किसी व्यापार, कारोबार या उद्योग से जुड़ सकेंगे। महाराष्ट्र सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1979 के नियम 16 के तहत इन निर्देशों का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
हालांकि, निलंबन की अवधि में दोनों अधिकारियों को नियमों के अनुसार गुजारा भत्ता और अन्य मान्य भत्ते मिलते रहेंगे। महाराष्ट्र सिविल सेवा (जॉइनिंग टाइम, विदेशी सेवा और निलंबन, बर्खास्तगी व सेवा से हटाए जाने के दौरान भुगतान) नियम, 1981 के नियम 68 के तहत उन्हें ये सुविधाएं दी जाएंगी।
बच्चों के स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत टीकाकरण, पोषण से जुड़ी मदद और बच्चों में बीमारियों की शुरुआती पहचान जैसे जरूरी काम किए जाते हैं। वहीं, परिवार नियोजन कार्यक्रम में लोगों को सलाह देना, गर्भनिरोधक साधन उपलब्ध कराना और आगे की देखभाल शामिल है। इन योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने के लिए नियमित निगरानी जरूरी है। विभाग की इस कार्रवाई से साफ है कि जरूरी स्वास्थ्य योजनाओं में निगरानी की कमी को गंभीरता से लिया जा रहा है। हालांकि, निलंबन आदेशों में जांच पूरी होने की समयसीमा नहीं बताई गई है और न ही यह स्पष्ट किया गया है कि आगे कोई अतिरिक्त कार्रवाई होगी या नहीं।