पुणे न्यूज डेस्क: पुणे की चर्चित आंदेकर गैंग से जुड़े मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने लक्ष्मी उदयकांत आंदेकर को जमानत दे दी है। जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी रिहाई का आदेश दिया। खास बात यह है कि सरकारी वकील एडवोकेट शिशिर हिरे ने इस आदेश पर चार हफ्ते की रोक लगाने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। इस फैसले से आंदेकर परिवार को बड़ी राहत मिली है।
लक्ष्मी उदयकांत आंदेकर ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी। उनकी तरफ से एडवोकेट विपुल दुशिंग ने अदालत में पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि इस मामले में लक्ष्मी आंदेकर की भूमिका साफ तौर पर सामने नहीं आई है। साथ ही, अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर अपराध में उनकी संलिप्तता साबित नहीं होती है।
अदालत से जमानत मिलने के बाद विशेष सरकारी वकील एडवोकेट शिशिर हिरे ने आदेश पर चार हफ्ते तक रोक लगाने की अपील की, ताकि इस दौरान आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके। हालांकि, एडवोकेट विपुल दुशिंग ने इस मांग का विरोध किया। उन्होंने दोबारा अदालत के सामने अपनी दलील रखते हुए कहा कि लक्ष्मी आंदेकर का इस अपराध से कोई संबंध साबित नहीं हुआ है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने सरकारी पक्ष की रोक लगाने की मांग ठुकरा दी और जमानत का आदेश बरकरार रखा। इससे लक्ष्मी आंदेकर की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, जमानत मिलने के बाद भी इस मामले की आगे की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।