पुणे न्यूज डेस्क: पुणे समेत पूरे महाराष्ट्र में वाहन मालिकों और चालकों के साथ ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इसी को देखते हुए परिवहन विभाग ने आम लोगों को फर्जी वेबसाइट, नकली मोबाइल ऐप और झूठे ई-चालान लिंक से सावधान रहने की सख्त अपील की है। विभाग के मुताबिक हाल के दिनों में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और ई-चालान के नाम पर कई लोगों से पैसे ऐंठे गए हैं और उनकी निजी जानकारी भी चोरी हुई है।
परिवहन विभाग ने बताया कि ठग अक्सर मोबाइल पर एसएमएस या व्हाट्सएप मैसेज भेजते हैं, जिनमें लिखा होता है—“आपका चालान बकाया है”, “लाइसेंस सस्पेंड होने वाला है” या “तुरंत भुगतान करें।” ऐसे संदेशों में अनधिकृत पेमेंट लिंक भेजे जाते हैं, जिन पर क्लिक करते ही लोगों का पैसा कट जाता है। विभाग ने साफ कहा है कि आरटीओ या परिवहन विभाग कभी भी व्हाट्सएप पर भुगतान लिंक नहीं भेजता। ऐसे किसी भी संदेश पर भरोसा करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।
इसके अलावा फर्जी ऐप और संदिग्ध फाइल डाउनलोड करने से मोबाइल में मौजूद ओटीपी, बैंक डिटेल और अन्य संवेदनशील जानकारी चोरी होने का खतरा भी रहता है। विभाग ने वाहन मालिकों को सलाह दी है कि वे केवल सरकारी gov.in डोमेन वाली वेबसाइटों का ही इस्तेमाल करें। वाहन से जुड़ी सेवाओं के लिए vahan.parivahan.gov.in, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए sarathi.parivahan.gov.in, परिवहन सेवाओं के लिए parivahan.gov.in और ई-चालान के लिए echallan.parivahan.gov.in ही आधिकारिक पोर्टल हैं।
परिवहन विभाग ने यह भी कहा कि किसी भी अन्य डोमेन या अनजान लिंक पर अपनी जानकारी दर्ज न करें। यदि किसी को संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक मिलता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। साथ ही नजदीकी जिला साइबर पुलिस स्टेशन में भी इसकी सूचना दी जा सकती है। विभाग का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी लोगों को बड़ी आर्थिक ठगी से बचा सकती है।