पुणे न्यूज डेस्क: पुणे के प्रतिष्ठित दीनानाथ मंगेशकर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जिसने अस्पताल प्रशासन को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। यहां आंखों के इलाज के लिए आई छह वर्षीय मासूम प्रियदर्शनी बागडे की सर्जरी के दौरान मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतका के परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है और न्याय की गुहार लगाते हुए स्थानीय अलंकार पुलिस स्टेशन में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
मिली जानकारी के अनुसार, प्रियदर्शनी की आंखों में तिरछेपन (भेंगापन) की शिकायत थी, जिसके सुधार के लिए उसे अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में ग्लूकोमा की आशंका जताते हुए आंखों के पर्दे की विस्तृत जांच कराने की सलाह दी थी। ऑपरेशन से पहले 14 मई को बच्ची के जरूरी ब्लड टेस्ट और एनेस्थीसिया से जुड़े सभी रूटीन चेकअप किए गए थे, जिनकी रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य आने के बाद ही उसे 18 मई को सर्जरी के लिए तय समय पर बुलाया गया था।
परिजनों का आरोप है कि सोमवार सुबह जब प्रियदर्शनी को ऑपरेशन थिएटर (OT) ले जाया गया, तब वह बिल्कुल स्वस्थ और खेल रही थी। लेकिन सर्जरी की प्रक्रिया शुरू होते ही अचानक स्थिति बिगड़ गई। आरोप है कि आंखों में दवा की बूंदें डालने के बाद बच्ची को खून की उल्टियां होने लगीं और उसकी दिल की धड़कन रुक गई। डॉक्टरों ने आनन-फानन में उसे आईसीयू (ICU) में शिफ्ट किया और माता-पिता को बिना पूरी स्थिति स्पष्ट किए केवल यह बताया कि उसे सीपीआर (CPR) दिया जा रहा है, जिसके कुछ ही समय बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया।
मासूम की मौत से आक्रोशित परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर एक और संगीन आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मामले को दबाने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उन्हें आर्थिक समझौते की पेशकश भी की गई थी, जिसे ठुकराते हुए उन्होंने पुलिस का रुख किया। फिलहाल पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही बच्ची की मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।