ताजा खबर
पिंपरी-चिंचवड में 15 फीट गहरे पार्किंग पिट में गिरी 3 साल की बच्ची, बिल्डर पर लापरवाही का आरोप   ||    पुणे में राजनीतिक दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन पर रोक, भाजपा-कांग्रेस झड़प के बाद पुलिस का बड़ा फैसला   ||    पुणे में फ़िलिस्तीन समर्थन प्रदर्शन पर कार्रवाई, 23 कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज   ||    टीपू सुल्तान पर बयान से सियासी घमासान: पुणे में कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने   ||    मनी लॉन्ड्रिंग केस में कोर्ट में पेश हुए एकनाथ खडसे और पत्नी, गैर-जमानती वारंट रद्द   ||    लोनावला के टाइगर प्वाइंट से 31 वर्षीय युवक ने लगाई छलांग, सहकर्मियों पर प्रताड़ना का आरोप   ||    पुणे बना भारत का दूसरा सबसे बड़ा GCC मार्केट, 2025 में लीज़िंग हुई दोगुनी   ||    पटना से पुणे पहुंचे यात्री, लेकिन इंडिगो फ्लाइट उनका सामान लाना भूल गई   ||    पुणे में बंगाल के प्रवासी मजदूर की हत्या पर ममता बनर्जी का आक्रोश, बोलीं– यह हेट क्राइम   ||    होली पर हवाई यात्रियों को बड़ी राहत, किराए में सिर्फ मामूली बढ़ोतरी   ||   

पुणे में राजनीतिक दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन पर रोक, भाजपा-कांग्रेस झड़प के बाद पुलिस का बड़ा फैसला

Photo Source : Google

Posted On:Tuesday, February 17, 2026

पुणे न्यूज डेस्क: पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने सोमवार को बड़ा आदेश जारी करते हुए पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में किसी भी राजनीतिक पार्टी के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। यह निर्णय भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच रविवार को हुई हिंसक झड़प के बाद लिया गया, जिसमें नौ लोग घायल हो गए थे।

यह विवाद हर्षवर्धन सपकाल के एक कथित बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान को लेकर टिप्पणी की थी। बयान के विरोध में भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के बाहर जमा हुए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच पथराव और झड़प हुई। घायलों में दोनों दलों के कार्यकर्ता, दो पुलिसकर्मी और दो पत्रकार शामिल हैं।

कमिश्नर अमितेश कुमार ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए राजनीतिक दफ्तरों या नेताओं के घरों के पास किसी भी प्रकार के आंदोलन की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि रविवार की पत्थरबाजी पूर्व नियोजित नहीं थी, लेकिन मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस ने दोनों पक्षों के नेताओं और कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।

वहीं, कांग्रेस नेता प्रशांत जगताप ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि भाजपा कार्यकर्ताओं को कांग्रेस भवन की बाउंड्री वॉल तक आने दिया गया, जबकि उन्हें कम से कम 100 मीटर पहले रोका जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को सड़क जाम करने की खुली छूट दी गई।

जगताप ने नवनिर्वाचित मेयर मंजूषा नागपुरी पर भी मोर्चे में शामिल होकर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया। कांग्रेस का दावा है कि एफआईआर से मेयर का नाम जानबूझकर हटाया गया है और इस संबंध में उनके पास वीडियो फुटेज भी मौजूद है। पार्टी इस मामले में हाई कोर्ट जाने पर विचार कर रही है ताकि मेयर का नाम दोबारा एफआईआर में शामिल कराया जा सके।


पुणे और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. punevocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.