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टीपू सुल्तान पर बयान से सियासी घमासान: पुणे में कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

Photo Source : Google

Posted On:Monday, February 16, 2026

पुणे न्यूज डेस्क: टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से किए जाने वाले बयान को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल की टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रविवार को पुणे में कांग्रेस कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों दलों के समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने का आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आया। कांग्रेस ने दावा किया कि भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थकों पर पथराव किया। संयुक्त पुलिस आयुक्त रंजन कुमार शर्मा के अनुसार, इस घटना में तीन कांग्रेस कार्यकर्ता, दो भाजपा कार्यकर्ता, दो पुलिसकर्मी और दो पत्रकार हल्के रूप से घायल हुए हैं। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।

पुणे शहर कांग्रेस अध्यक्ष अरविंद शिंदे ने भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए मेयर मंजुषा नागपुरे, भाजपा शहर अध्यक्ष धीरज घाटे और दुष्यंत मोहाल समेत अन्य नेताओं पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया।

दरअसल, यह विवाद मालेगांव महानगरपालिका की उप-महापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने से शुरू हुआ था। शिवसेना पार्षदों और हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया था। इस बीच कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और दावा किया कि अतीत में भाजपा नेताओं ने भी सार्वजनिक मंचों पर टीपू सुल्तान की प्रशंसा की थी। कांग्रेस ने 2012 में अकोला महानगरपालिका में पारित प्रस्ताव का हवाला देते हुए कहा कि उस समय स्थायी समिति हॉल का नाम ‘शहीद-ए-वतन शेर-ए-मैसूर टीपू सुल्तान’ रखने की बात कही गई थी।


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