पुणे न्यूज डेस्क: पुणे पुलिस ने बिना अनुमति फ़िलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन करने के आरोप में 23 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। रविवार को जंगली महाराज (JM) रोड स्थित छत्रपति संभाजी गार्डन के पास फुटपाथ पर आयोजित इस प्रदर्शन का आयोजन इंडियन पीपल इन सॉलिडेरिटी विद फ़िलिस्तीन (IPSP) ने किया था। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में डेक्कन पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने शांतिपूर्ण विरोध की अनुमति नहीं दी और कार्रवाई के दौरान मारपीट भी की, जिससे एक कार्यकर्ता घायल हो गया। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसी दिन पुणे महानगरपालिका (PMC) द्वारा गार्डन में फल और फूलों की प्रदर्शनी आयोजित की गई थी, जहां बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना थी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनज़र फुटपाथ पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी गई।
IPSP ने बताया कि यह प्रदर्शन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा पुनर्निर्माण के लिए प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (BoP) योजना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित इज़रायल दौरे के विरोध में किया गया था। संगठन के अनुसार, दिल्ली, पटना, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम सहित कई शहरों में भी विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी।
सुबह करीब 11 बजे प्रदर्शन शुरू होते ही पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। दिशा स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन के वेदांत राठौड़ ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके साथ बल प्रयोग किया गया, जिससे उनके कंधे में चोट आई। शाम करीब 4.45 बजे सभी हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा कर दिया गया, लेकिन उन्हें 17 फरवरी को जांच के लिए पुलिस स्टेशन में उपस्थित रहने का नोटिस दिया गया है। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर गिरीशा निंबालकर ने कहा कि 23 कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और कार्रवाई कानून के अनुसार की गई है।