पुणे न्यूज डेस्क: पुणे में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुणे नगर निगम (PMC) ने 11 स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक जनरल अस्पतालों में अपग्रेड करने का एक बड़ा निर्णय लिया है। शहर की बढ़ती जनसंख्या और स्वास्थ्य सुविधाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए नगर निगम ने यह कदम उठाया है, जिसके लिए नागरिक बजट में 90 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के उन नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना है, जो उपचार के लिए पूरी तरह से निगम की सेवाओं पर निर्भर हैं।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत, छह प्रसूति गृहों और पांच ओपीडी (OPD) अस्पतालों का कायाकल्प किया जाएगा। इनमें राजीव गांधी अस्पताल (येरवडा), लाइगुडे अस्पताल (वडगांव), संजय गांधी अस्पताल (बोपोडी), दलवी अस्पताल (शिवाजीनगर) और मालती काची अस्पताल (गाड़ीखाना) को जनरल अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं, प्रसूति अस्पतालों में सोनावाने मैटरनिटी अस्पताल, राजमाता जीजाऊ नर्सिंग होम, धनकवड़ी अस्पताल, शिवार्कर अस्पताल, सुतार अस्पताल और खेडेकर अस्पताल को शामिल किया गया है। प्रशासन ने इन सुविधाओं को आधुनिक उपकरणों और इंफ्रास्ट्रक्चर से छह महीने के भीतर लैस करने का लक्ष्य रखा है।
योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए, PMC के भवन और विद्युत विभाग द्वारा सभी चयनित केंद्रों का संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। इस निरीक्षण के आधार पर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद, विद्युत प्रणालियों का नवीनीकरण और स्टाफ की जरूरतों को पूरा करना शामिल होगा। वर्तमान में, कमला नेहरू अस्पताल निगम द्वारा संचालित एकमात्र प्रमुख जनरल अस्पताल है, जिसे अब इन 11 केंद्रों के विस्तार से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में, PMC राज्य में 54 ओपीडी और 19 प्रसूति गृहों का संचालन करता है, जहाँ प्रतिदिन लगभग 11,000 से 12,000 मरीज इलाज के लिए आते हैं। हालांकि, पर्याप्त बुनियादी ढांचे का अभाव, स्टाफ की कमी और प्रशासनिक देरी जैसी चुनौतियों के कारण सेवा की गुणवत्ता कई बार प्रभावित होती रही है। इन अस्पतालों के आधुनिक बनने से न केवल मरीजों का दबाव कम होगा, बल्कि नागरिकों को उनके क्षेत्र के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सकेंगी।