पुणे न्यूज डेस्क: पुणे के भोर इलाके में चार साल की बच्ची के साथ हुई जघन्य यौन उत्पीड़न और हत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक 65 वर्षीय मजदूर, जिसका पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी है, ने बच्ची को खाना देने का लालच देकर उसे मवेशियों के बाड़े में ले जाकर इस वीभत्स अपराध को अंजाम दिया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग पर नवाले ब्रिज के पास प्रदर्शन किया और करीब चार घंटे तक यातायात ठप रखा, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई।
इस दुखद घड़ी में, बच्ची के पिता ने एक कड़ा रुख अपनाते हुए सभी राजनेताओं से अपील की है कि जब तक उनकी बेटी को न्याय नहीं मिल जाता और आरोपी को फांसी की सजा नहीं हो जाती, तब तक वे उनके घर शोक व्यक्त करने न आएं। पिता ने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी भी प्रकार की दिखावे वाली सहानुभूति की आवश्यकता नहीं है, और उनका एकमात्र उद्देश्य आरोपी के लिए मृत्युदंड सुनिश्चित करना है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने पीड़ित परिवार को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस मामले में आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा, यानी मृत्युदंड दिलाने के लिए पूरी कोशिश करेगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि इस पूरे मुकदमे की सुनवाई को फास्ट-ट्रैक मोड में चलाया जाएगा ताकि न्याय मिलने में कोई देरी न हो।
पुलिस जांच में तेजी लाते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। बच्ची के गायब होने के बाद जब परिवार के सदस्यों ने उसकी तलाश शुरू की, तो सीसीटीवी फुटेज में आरोपी उसे साथ ले जाते हुए दिखाई दिया, जिससे पुलिस को उसे पकड़ने में मदद मिली। अब कानून व्यवस्था और आरोपी की सजा को लेकर प्रशासन पर भारी दबाव है, और जनता लगातार दोषियों को तत्काल दंडित किए जाने की मांग कर रही है।