ताजा खबर
गोकुळ दूध संघ अध्यक्ष चुनाव: सतेज पाटिल की मुंबई प्रेस कॉन्फ्रेंस और सरकार पर तीखा हमला   ||    विराट कोहली का 38वां जन्मदिन और विश्व क्रिकेट में उनका ऐतिहासिक कद   ||    सोनू सूद की टोपी बाजों की पंचायत ने जीता फैंस का दिल   ||    लडाकू के साथ फिर लौटेगी कार्तिक आर्यन और कबीर खान की जोड़ी   ||    गनमास्टर G9 में इमरान हाशमी का खूंखार अवतार आया सामने   ||    अजय देवगन की दृश्यम सक्सेस पार्टी में जुटे बॉलीवुड सितारे   ||    पुणे की आंदेकर गैंग से जुड़े मामले में लक्ष्मी आंदेकर को हाईकोर्ट से जमानत, सरकारी पक्ष की मांग खारि...   ||    पुणे से छुट्टी मिलने के कुछ घंटों बाद मुंबई के अस्पताल में भर्ती हुए शरद पवार, पीएम मोदी ने फोन कर ज...   ||    2 लाख के कर्ज को लेकर घर पहुंचकर दी धमकी, पनवेल में 11वीं मंजिल से कूदी महिला और उसके दो बच्चे   ||    पुणे पुलिस कमिश्नर के बंगले के गेट से टकराई कॉन्स्टेबल की कार, शराब के नशे में होने का आरोप   ||   

गैंगस्टर गजानन मर्ने केस में बॉम्बे हाई कोर्ट सख्त, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

Photo Source : Twitter

Posted On:Monday, September 29, 2025

पुणे न्यूज डेस्क: बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोमवार को पुणे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। अदालत ने पूछा कि आखिर गैंगस्टर गजानन मर्ने उर्फ गज्या को 23 मामलों में जमानत मिल चुकी है, लेकिन पुलिस ने इन आदेशों को कभी चुनौती क्यों नहीं दी। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर लापरवाही साबित हुई तो संबंधित अफसरों पर कार्रवाई होगी।

यह मामला 19 फरवरी 2025 की घटना से जुड़ा है, जब कोथरुड इलाके में एक आईटी इंजीनियर के साथ सड़क पर विवाद हुआ और उसके बाद गज्या और उसके साथियों ने मारपीट की। इस मामले में पुलिस ने गज्या को गिरफ्तार कर उस पर MCOCA लगाया। हालांकि, गज्या के वकील का तर्क है कि यह झगड़ा अचानक हुआ था और इसमें किसी गैंगस्टर गतिविधि की साजिश नहीं थी। शिकायतकर्ता ने भी अदालत में यही बात कही।

गज्या का नाम पहले भी अपहरण और हत्या जैसे गंभीर मामलों में सामने आ चुका है। उस पर कई बार MCOCA लगाया गया और यहां तक कि तलोजा जेल से रिहाई के दौरान कोविड नियमों की अनदेखी कर भीड़ ने उसका स्वागत किया था। अदालत ने इस पृष्ठभूमि को देखते हुए पुलिस से पूछा कि इतनी गंभीर पृष्ठभूमि वाले अपराधी को मिली जमानतों को चुनौती क्यों नहीं दी गई।

सुनवाई के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक गीता मुलेकर ने कहा कि अभियोजक जमानत को चुनौती देने की सिफारिशें भेजते हैं। इस पर अदालत ने महाराष्ट्र सरकार के कानून व न्याय विभाग के संयुक्त सचिव को निर्देश दिया कि दो हफ्तों में हलफनामा दाखिल करें, जिसमें विस्तार से बताया जाए कि गज्या के कितने मामले दर्ज हैं, कितनों में जमानत मिली और क्या उन आदेशों को चुनौती दी गई या नहीं। अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।


पुणे और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. punevocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.