पुणे न्यूज डेस्क: भारतीय उद्योग जगत के लिए शुक्रवार का दिन एक युग के अंत जैसा रहा। दिग्गज आईटी कंपनी केपीआईटी टेक्नोलॉजीज (KPIT Technologies) के संस्थापक और चेयरमैन एस.बी. रवि पंडित का 71 वर्ष की आयु में पुणे में निधन हो गया। कंपनी ने 8 मई 2026 को आधिकारिक तौर पर इस दुखद समाचार की पुष्टि की। रवि पंडित को न केवल एक सफल उद्यमी के रूप में, बल्कि ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर और 'सॉफ्टवेयर-डिफाइंड मोबिलिटी' के क्षेत्र में भारत को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने वाले विजनरी लीडर के रूप में सदैव याद रखा जाएगा।
रवि पंडित का शैक्षणिक और पेशेवर सफर बेहद प्रभावशाली रहा। वे एक कुशल चार्टर्ड अकाउंटेंट होने के साथ-साथ अमेरिका के प्रतिष्ठित एमआईटी (MIT) स्लोन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के पूर्व छात्र थे। उनकी विशेषज्ञता केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं थी; उन्होंने 'कीर्तने एंड पंडित' चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म का नेतृत्व किया और मराठा चैंबर ऑफ कॉमर्स (MCCIA) के अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। उनकी बौद्धिक क्षमताओं के कारण उन्हें इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी का 'फेलो' भी चुना गया था।
व्यापारिक उपलब्धियों के साथ-साथ रवि पंडित पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की ऊर्जा के प्रति बेहद समर्पित थे। उन्होंने भारत सरकार के 'नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन' में नीतिगत स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका मानना था कि हाइड्रोजन जैसा स्वच्छ ईंधन भारत की कृषि और ऊर्जा जरूरतों का भविष्य है। इसी दूरदृष्टि के साथ उन्होंने 'हृदय' (HRIDAY) जैसी पहल की शुरुआत की और अपनी पुरस्कार विजेता पुस्तक 'Leapfrogging to Pole-Vaulting' के माध्यम से देश के विकास के लिए एक आधुनिक रोडमैप प्रस्तुत किया।
उनके नेतृत्व में केपीआईटी आज दुनिया के 15 देशों में अपनी सेवाएं दे रही है और वैश्विक वाहन निर्माताओं के साथ ऑटोनॉमस ड्राइविंग और क्लीन मोबिलिटी पर काम कर रही है। रवि पंडित का जाना भारतीय ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी और ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्हें एक ऐसे पथप्रदर्शक के रूप में याद किया जाएगा जिन्होंने तकनीक, स्थिरता और भारतीय मूल्यों का अनूठा संगम पेश किया।