पुणे न्यूज डेस्क: पुणे के येरवडा इलाके में रविवार को सड़क पर खोदे गए गड्ढे में गिरने से 69 साल के एक बुजुर्ग की मौत हो गई। इस घटना के बाद लोगों में नाराजगी है और ठेकेदार के साथ जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त आपराधिक कार्रवाई की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि सड़क पर खुदाई के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। इसी लापरवाही के चलते प्रदीप लक्ष्मण परदेशी की जान चली गई।
येरवडा में कपड़े धोने का कारोबार करने वाले प्रदीप परदेशी सड़क की खुदाई के दौरान बने गड्ढे में गिर गए थे। उन्हें गंभीर चोटें आई थीं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। स्थानीय पार्षद अविनाश साल्वे ने घटनास्थल के वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि गड्ढे के आसपास लगाए गए बैरिकेड कमजोर थे। उन्होंने ठेकेदार को स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट करने और लापरवाही के लिए गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की।
पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) ने कहा कि ठेकेदारों को सुरक्षा से जुड़े निर्देश दिए गए थे। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों, जिनमें मुंबई और नासिक भी शामिल हैं, में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। नागरिक संगठनों ने इस हादसे को सड़क सुरक्षा में लापरवाही और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय न होने की बड़ी समस्या से जोड़ते हुए कहा कि आम लोगों की जान की सुरक्षा को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
सातारा रोड की रहने वाली रुचा जोशी ने सवाल उठाया कि क्या आम नागरिकों की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। अतिक्रमण के कारण सार्वजनिक जगहें कम हो रही हैं, फुटपाथ संकरे हैं और नागरिक सुविधाओं से जुड़े काम भी ठीक तरीके से नहीं किए जा रहे हैं। लोगों ने यह भी कहा कि गड्ढों और खराब सड़कों के कारण पिछले कुछ वर्षों में कई हादसे हुए हैं, जिनमें लोगों की जान गई है।
उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ता विवेक वेलणकर ने आरोप लगाया कि नागरिक निकायों और ठेकेदारों की ओर से निर्माण कार्यों में तय मानकों और भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) के नियमों का अक्सर पालन नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के बार-बार दिए जाने वाले आश्वासनों के बावजूद जमीन पर हालात नहीं बदलते। उनके मुताबिक, जिन अधिकारियों और ठेकेदारों ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई, उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने चाहिए। उन्होंने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गैर इरादतन हत्या जैसे गंभीर आरोपों पर भी विचार करने की मांग की।
पीएमसी ने ठेकेदार को नोटिस दिया
पुणे महानगरपालिका के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पीएमसी के ड्रेनेज विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र जाधव ने कहा कि ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और 24 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया है।