पुणे न्यूज डेस्क: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में सामने आए जहरीली शराब कांड ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया है। महज 30 रुपये में बिक रही कथित देसी शराब ने 21 लोगों की जान ले ली, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से बीमार हो गए। जांच में सामने आया कि शराब में इंडस्ट्रियल केमिकल मेथेनॉल मिलाया गया था, जो शरीर में पहुंचते ही घातक जहर में बदल जाता है। इस मामले में अब तक 26 सरकारी अधिकारी और कर्मचारी निलंबित किए जा चुके हैं तथा जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपी गई है।
मौत का यह सिलसिला 26 से 28 मई 2026 के बीच पुणे के हडपसर इलाके के पांढरे माला और पिंपरी-चिंचवड़ के फुगेवाड़ी क्षेत्र में देखने को मिला। फुगेवाड़ी में 14 और पांढरे माला में 7 लोगों की मौत हुई। घटना के बाद कई पीड़ितों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
जांच के दौरान महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने ठाणे के भिवंडी स्थित 'रेक्स इंटरनेशनल' नामक कंपनी के गोदाम पर छापा मारकर लगभग 6,000 किलोग्राम मेथेनॉल बरामद किया। आशंका है कि इसी केमिकल का इस्तेमाल अवैध शराब में किया गया था। सीआईडी की कई टीमें अब इस पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन खंगाल रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह जहरीला केमिकल राज्य के अन्य हिस्सों में भी पहुंचाया गया था।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैध शराब एथिल अल्कोहल से बनाई जाती है, जबकि अवैध शराब में अक्सर मेथेनॉल और अन्य खतरनाक रसायन मिला दिए जाते हैं। मेथेनॉल शरीर में पहुंचकर फॉर्मेल्डिहाइड और फॉर्मिक एसिड में बदल जाता है, जो आंखों की रोशनी छीन सकता है और किडनी, लिवर तथा फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। अधिक मात्रा में सेवन करने पर कुछ ही घंटों में मौत तक हो सकती है। यही वजह है कि अवैध और मिलावटी शराब को विशेषज्ञ ‘मौत का जाम’ बताते हैं।