पुणे न्यूज डेस्क: पुणे के बारामती से मानवता को शर्मसार करने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने समाज में अपराधियों के सुधार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक 53 वर्षीय व्यक्ति ने जेल से छूटने के कुछ ही समय बाद एक और मासूम बच्ची को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया। हैरान करने वाली बात यह है कि यह आरोपी पहले से ही एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 10 साल की कठोर सजा काट चुका था, लेकिन जेल की सजा भी उसकी विकृत मानसिकता को बदलने में नाकाम रही।
वारदात उस समय हुई जब आरोपी ने अपने पड़ोस में रहने वाली 10 साल की बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर बहलाया-फुसलाया। जान-पहचान का फायदा उठाते हुए वह मासूम को अपने घर ले गया और वहाँ उसके साथ घिनौनी करतूत को अंजाम दिया। दरिंदगी के बाद आरोपी ने बच्ची को जुबान खोलने पर जान से मारने की धमकी भी दी। हालांकि, बहादुर बच्ची ने घर पहुँचकर अपनी माँ को पूरी आपबीती सुनाई, जिसके बाद बिना देर किए परिजनों ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
पुलिस की जांच में आरोपी का पुराना काला चिट्ठा खुलकर सामने आया। पता चला कि साल 2009 में भी उसने एक 13 साल की किशोरी के साथ ऐसी ही हैवानियत की थी, जिसकी सजा पूरी कर वह बाहर आया था। इस बार घटना की सूचना मिलते ही बारामती शहर पुलिस ने जाल बिछाया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की। जब वह गिरफ्तारी के डर से शहर छोड़कर भागने के लिए बस स्टैंड (ST Stand) पर छिपा था, तभी पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।
इस सनसनीखेज मामले ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। बारामती पुलिस ने आरोपी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में सख्त पैरवी करेंगे ताकि ऐसे आदतन अपराधी को समाज के बीच दोबारा आने का मौका न मिले। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और मामले की गहन पड़ताल जारी है।