पुणे न्यूज डेस्क: देशभर में चर्चा का विषय बने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच अब महाराष्ट्र के पुणे तक पहुंच गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में पुणे निवासी मनीषा वाघमारे नाम की महिला को हिरासत में लिया है। मनीषा पेशे से ब्यूटीशियन बताई जा रही है, लेकिन जांच के दौरान उसके बैंक खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन ने एजेंसियों का शक बढ़ा दिया। उसके साथ धनंजय लोखंडे नाम के एक अन्य व्यक्ति से भी पूछताछ जारी है।
सूत्रों के अनुसार CBI और पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बिबवेवाड़ी इलाके से मनीषा को पकड़ा। जांच में सामने आया कि उसके नाम पर 21 बैंक खाते संचालित हो रहे थे, जिनमें NEET परीक्षा के दौरान करीब 10 लाख रुपये जमा किए गए। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह रकम किन लोगों ने भेजी और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित आरोपी छात्रों और अभिभावकों को “गेस पेपर” देने के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे थे। दावा किया जाता था कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा के अधिकांश सवाल इन्हीं पेपरों से आएंगे। CBI को ऐसे डिजिटल सबूत भी मिले हैं जिनसे पता चला है कि कथित तौर पर पेपर उपलब्ध कराने से पहले ऑनलाइन एडवांस भुगतान लिया गया था। अब एजेंसी बैंक ट्रांजैक्शन, WhatsApp चैट और दूसरे डिजिटल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है।
इस मामले में राजस्थान कनेक्शन भी सामने आया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और WhatsApp ग्रुप के जरिए संचालित किया जा रहा था। विवाद बढ़ने के बाद NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई, जिससे लाखों छात्र और अभिभावक परेशान हैं। अब CBI पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड और इससे जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है।