पुणे न्यूज डेस्क: पाली में कोतवाली पुलिस ने एक बड़े हाईटेक साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में चार आरोपियों को पकड़कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया। बाद में जांच के दौरान नेटवर्क से जुड़े दो अन्य युवकों को भी हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने बापू नगर विस्तार स्थित एक किराए के फ्लैट पर छापा मारकर गुजरात निवासी गोकुल कुमार सोनी, हिरेन कुमार उर्फ लाला, ओम कुमार और पाली निवासी योगेश सोनी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद घांचियों का बास सूरजपोल निवासी लोकेश परिहार और भलावातों का बास निवासी भावेश को भी पकड़ा गया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 34 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, 29 एटीएम कार्ड, 50 से अधिक सिम कार्ड और 100 से ज्यादा बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, चेकबुक व डायरी बरामद की। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और आईपीएल सट्टेबाजी से आने वाले पैसों को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ट्रेसिंग से बचने की कोशिश करते थे।
जांच में खुलासा हुआ कि योगेश ने पैसों का लालच देकर लोकेश और भावेश को गैंग में शामिल किया। दोनों पहले बैंक खातों का नेटवर्क उपलब्ध कराते थे और बाद में अन्य लोगों को जोड़ने लगे। आरोपी खासतौर पर प्राइवेट बैंक खाताधारकों को निशाना बनाकर उनसे एटीएम कार्ड, सिम, चेकबुक और नेट बैंकिंग किट हासिल करते थे। इसके बाद साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन गेमिंग से आने वाली रकम को छोटे-छोटे हिस्सों में कई खातों में भेजा जाता था।
पुलिस के मुताबिक गोकुल और योगेश इस नेटवर्क के मुख्य संचालक थे। जांच में सामने आया कि गोकुल पहले पुणे के एक कैसीनो में काम कर चुका था, जहां उसने ऑनलाइन सट्टेबाजी, गेमिंग और अवैध डिजिटल लेनदेन के तरीके सीखे। जनवरी में वह पाली आया और योगेश के साथ मिलकर नेटवर्क खड़ा किया। तकनीकी संचालन के लिए हिरेन और ओम कुमार को जोड़ा गया, जिन्हें डिजिटल ट्रांजेक्शन और खातों के संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी।
पुलिस को अब तक 100 से अधिक बैंक खातों का रिकॉर्ड मिला है, जिनके जरिए करोड़ों रुपए के लेनदेन की आशंका जताई जा रही है। शिकायत मिलने पर कुछ खाते फ्रीज किए गए, लेकिन आरोपी नए खातों का इस्तेमाल शुरू कर देते थे। फिलहाल पुलिस 40 से 50 सक्रिय खातों की जांच कर रही है। साथ ही इस नेटवर्क के संभावित विदेशी कनेक्शन और चैन सिस्टम की तरह काम करने वाले पूरे गिरोह की गहराई से जांच जारी है।