पुणे न्यूज डेस्क: NEET UG 2026 पेपर लीक मामले ने देशभर में हड़कंप मचा दिया है। 3 मई 2026 को आयोजित परीक्षा को रद्द कर दिया गया है और अब दोबारा परीक्षा 21 जून को कराई जाएगी। केंद्रीय जांच ब्यूरो की जांच में सामने आया है कि पुणे में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के एक्सपर्ट पैनल से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर पैसे लेकर परीक्षा के सवाल लीक किए। मामले में अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जांच के मुताबिक, पुणे के सुखसागर नगर में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली 46 वर्षीय मनीषा वाघमारे छात्रों और शिक्षकों के बीच कड़ी का काम करती थीं। आरोप है कि उन्होंने कुछ छात्रों की व्यवस्था की और अपने परिचित धनंजय निवृत्ति लोखंडे, जो अहिल्यानगर के आयुर्वेद प्रैक्टिशनर बताए जा रहे हैं, को भी इस साजिश में शामिल किया।
सीबीआई के अनुसार, 57 वर्षीय मनीषा गुरुनाथ मंधारे NTA की एक्सपर्ट पैनल सदस्य थीं और उन्हें बॉटनी व जूलॉजी के अंतिम प्रश्नपत्रों तक पहुंच हासिल थी। आरोप है कि उन्होंने पैसे लेकर चुनिंदा छात्रों को असली सवाल उपलब्ध कराए। जांच में यह भी सामने आया कि उनके पुणे स्थित घर पर विशेष कोचिंग सेशन आयोजित किए गए, जहां कथित तौर पर असली प्रश्न बताए जाते थे।
मामले में रिटायर्ड केमिस्ट्री शिक्षक प्रह्लाद विट्ठल राव कुलकर्णी का नाम भी सामने आया है, जो NTA पैनल से जुड़े थे। उन्हें केमिस्ट्री पेपर लीक का मुख्य स्रोत माना जा रहा है। वहीं जयपुर से गिरफ्तार मंगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल पर भी पेपर को अलग-अलग राज्यों तक पहुंचाने का आरोप है।
सीबीआई ने अदालत में बताया कि आरोपियों ने मिलकर संगठित तरीके से साजिश रची और मोटी रकम लेकर छात्रों तक प्रश्न पहुंचाए। जांच एजेंसी के अनुसार अप्रैल 2026 में हुए कुछ कोचिंग सेशन्स में जो सवाल बताए गए थे, वे बाद में असली प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए।
इस मामले में 12 मई से 16 मई के बीच अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तारियां की गईं। नासिक, गुरुग्राम, जयपुर, पुणे और अहिल्यानगर से आरोपी पकड़े गए हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि देशभर में जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद परीक्षा प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं NTA ने परीक्षा रद्द कर नई तारीख घोषित कर दी है, जिससे लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।