पुणे न्यूज डेस्क: पुणे में मजदूरी कर रहे रामकोला क्षेत्र के सिंगहा निवासी नरसिंह कुशवाहा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शनिवार को जब उनका शव पैतृक गांव पहुंचा, तो परिजनों में कोहराम मच गया। घर का कमाऊ सदस्य खोने के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है और इस दुखद घटना से पूरा इलाका स्तब्ध है।
घटना का खुलासा तब हुआ जब 29 अप्रैल को परिजनों द्वारा किए गए फोन कॉल का कोई जवाब नहीं मिला। नरसिंह का मोबाइल लगातार बंद आने पर पिता रामचंद्र कुशवाहा को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तत्काल पुणे में ही अन्य स्थान पर रह रहे अपने भतीजे को सूचना दी और मामले की जानकारी लेने को कहा। जब भतीजा नरसिंह के कमरे पर पहुंचा, तो पाया कि दरवाजा अंदर से बंद था।
कमरे के दरवाजे को खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई सुगबुगाहट न होने पर भतीजे ने मकान मालिक को बुलाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मकान मालिक ने पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस की उपस्थिति में जब दरवाजा तोड़ा गया, तो नरसिंह मृत अवस्था में पाए गए। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, ताकि मौत के कारणों का पता चल सके।
पुलिसिया कार्रवाई और पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद, शनिवार को नरसिंह का पार्थिव शरीर उनके गृह जनपद पहुंचा। शव के घर पहुंचते ही परिजनों की चीख-पुकार से पूरा वातावरण गमगीन हो गया। नरसिंह की इस असमय और रहस्यमयी मौत ने परिवार के सामने गहरा संकट खड़ा कर दिया है, और अब उनके परिजन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की उम्मीद लगाए हुए हैं।