पुणे न्यूज डेस्क: पुणे के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले पर 18 जून को हुई एक युवक की मौत को शुरुआत में ट्रेकिंग के दौरान हुआ हादसा माना गया था, लेकिन जांच के दौरान सामने आए कुछ सुरागों ने पूरे मामले को हत्या की साजिश में बदल दिया। सीसीटीवी फुटेज में 26 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल और उनकी मंगेतर सिया गोयल के पीछे एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसने गर्मी के बावजूद हूडी पहन रखी थी और अपना चेहरा छिपा रखा था। इसी फुटेज ने पुलिस को गहराई से जांच करने के लिए मजबूर किया।
जांच में पता चला कि हूडी पहने व्यक्ति की पहचान 22 वर्षीय चेतन चौधरी के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, उसने घटना वाले दिन अपना मोबाइल फोन दुकान पर छोड़ दिया था और इंटरनेट भी बंद रखा था ताकि उसकी लोकेशन ट्रैक न हो सके। तकनीकी जांच और कॉल रिकॉर्ड खंगालने पर पुलिस को सिया और चेतन के बीच लंबे समय से लगातार संपर्क के सबूत मिले। दोनों के बीच हजारों कॉल और घंटों लंबी बातचीत होने की जानकारी सामने आई।
पुलिस का आरोप है कि जब केतन और सिया किले के एक खतरनाक हिस्से में पहुंचे, तब चेतन वहां पहुंचा और कुछ देर बाद केतन करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गए। घटना के बाद सिया ने पुलिस को फोन कर बताया कि फोटो खींचते समय तेज हवा के कारण केतन का पैर फिसल गया और यह एक दुर्घटना थी। हालांकि बाद में सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर पुलिस को संदेह हुआ कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश थी।
जांच में यह भी सामने आया कि केतन और सिया की फरवरी में सगाई हुई थी और नवंबर में उदयपुर में उनकी शादी होने वाली थी। पुलिस का दावा है कि सिया और चेतन रिश्ते में थे तथा सिया शादी नहीं तोड़ना चाहती थी क्योंकि इससे परिवार की बदनामी होती। परिजनों ने भी बताया कि सिया लगातार केतन को लोहागढ़ किले ले जाने की कोशिश कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, सभी सबूतों और पूछताछ के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि केतन की मौत दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या की साजिश का परिणाम थी। फिलहाल सिया और चेतन पुलिस हिरासत में हैं।