पुणे न्यूज डेस्क: आईटी कंपनी विप्रो टेक्नोलॉजीज की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने कंपनी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुणे के हिंजवडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि कंपनी में उसके साथ धार्मिक उत्पीड़न, कार्यस्थल पर भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना की गई, जिसके चलते उसे नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। मामले को लेकर कंपनी को कानूनी नोटिस भी भेजा गया है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि पिछले कई महीनों से वह लगातार उत्पीड़न का सामना कर रही थी। उसके अनुसार, कुछ सहकर्मियों और अधिकारियों द्वारा उस पर अनुचित दबाव बनाया जाता था। महिला ने आरोप लगाया कि उसकी शिकायतों को गंभीरता से लेने के बजाय नजरअंदाज किया गया और मामले को दबाने की कोशिश की गई। उनका कहना है कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी तंत्र का अभाव है।
महिला ने एक सहकर्मी और एक वरिष्ठ अधिकारी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि नौकरी के शुरुआती दिनों से ही उसे परेशान किया गया। उसने दावा किया कि उसे निजी और पेशेवर जीवन से जुड़े अनुचित सुझाव दिए गए तथा विदेश में अवसरों का लालच देकर दबाव बनाने की कोशिश की गई। इन आरोपों के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है।
पीड़िता का कहना है कि उसकी बर्खास्तगी गैरकानूनी थी और वह अपनी नौकरी वापस चाहती है। उन्होंने मांग की है कि निजी क्षेत्र की कंपनियों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्वतंत्र और मजबूत संस्थागत व्यवस्था बनाई जाए। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।