पुणे न्यूज डेस्क: राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की मुंबई जोनल यूनिट और पुणे क्षेत्रीय इकाई ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित प्रजातियों को बचाने में सफलता हासिल की है। डीआरआई को गुप्त सूचना मिली थी कि पुणे में कुछ लोग अवैध रूप से दुर्लभ वन्यजीवों की खरीद-फरोख्त में शामिल हैं। सूचना के आधार पर अधिकारियों ने निगरानी शुरू की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।
20 मई को डीआरआई टीम ने पुणे रेलवे स्टेशन के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से दो गत्ते के डिब्बों में छिपाकर रखी गई तीन जीवित मालाबार विशाल गिलहरियां बरामद हुईं। अधिकारियों ने तुरंत वन्यजीवों को सुरक्षित कब्जे में लिया और मामले की जांच आगे बढ़ाई।
पूछताछ और जांच के दौरान टीम ने पुणे के एक अन्य स्थान पर दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से सात जीवित भारतीय स्टार कछुए बरामद किए गए। मालाबार विशाल गिलहरी और भारतीय स्टार कछुआ दोनों ही वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में शामिल प्रजातियां हैं, जिन्हें देश में सर्वोच्च कानूनी सुरक्षा प्राप्त है। इनके शिकार, व्यापार, परिवहन या अवैध कब्जे को गंभीर अपराध माना जाता है।
डीआरआई ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और बरामद वन्यजीवों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए पुणे वन विभाग को सौंप दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीव तस्करी और शिकार गिरोहों के खिलाफ खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान आगे भी जारी रहेंगे। डीआरआई और वन विभाग पर्यावरण संरक्षण और दुर्लभ प्रजातियों की सुरक्षा के लिए लगातार संयुक्त कार्रवाई कर रहे हैं।