पुणे न्यूज डेस्क: पुणे के लोहागढ़ किला हत्याकांड में गिरफ्तार चेतन चौधरी के परिवार ने उसे निर्दोष बताते हुए दावा किया है कि सिया गोयल खुद को बचाने के लिए उस पर झूठे आरोप लगा रही है। चेतन के पिता बाबूलाल चौधरी ने कहा कि उनका परिवार सिया को जानता तक नहीं था और उन्होंने उसे पहली बार पुलिस स्टेशन में देखा। उनका कहना है कि चेतन ने उनसे मुलाकात के दौरान बताया कि घटना के समय वह केतन अग्रवाल और सिया से काफी दूर खड़ा था और उसे झूठा फंसाया जा रहा है।
परिवार के मुताबिक चेतन एक सीधा-सादा युवक और खिलाड़ी है, जिसके खिलाफ पहले कभी कोई शिकायत नहीं रही। उसके चाचा उदयराम चौधरी ने भी कहा कि चेतन पूरी तरह निर्दोष है और रोते हुए उसने खुद को बेगुनाह बताया। वहीं, चेतन के वकील राम शाहने ने कहा कि एफआईआर में उसके मुवक्किल की भूमिका स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है और केवल सिया का कथित बॉयफ्रेंड होने के आधार पर उसे मामले में आरोपी बनाया गया है।
पुलिस जांच के अनुसार, सिया गोयल और केतन अग्रवाल की फरवरी 2026 में सगाई हुई थी और नवंबर में जयपुर में उनकी शादी होने वाली थी। आरोप है कि सिया अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को रास्ते से हटाना चाहती थी। जांच में सामने आया कि सिया कई बार केतन को लोहागढ़ किले पर ले जाने की कोशिश कर चुकी थी। 14 जून को भी कथित तौर पर उसे खाई में धक्का देने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह बच गया था। पुलिस का दावा है कि 18 जून को सिया और चेतन ने एक कैफे में मुलाकात कर हत्या की साजिश को अंतिम रूप दिया और बाद में केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में चेतन को हुडी पहनकर केतन और सिया का पीछा करते हुए देखा गया। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच पिछले छह महीनों में 2,000 से अधिक कॉल हुईं और करीब 238 घंटे बातचीत हुई। तकनीकी साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस का कहना है कि यह एक सुनियोजित साजिश थी। हालांकि, परिवार लगातार चेतन को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।