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शहबाज़ शरीफ सरकार ने जारी किया तोशाखाना रिकॉर्ड, विदेशी उपहारों को लेकर बढ़ी पारदर्शिता

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Posted On:Wednesday, July 29, 2026

पाकिस्तान सरकार ने प्रधानमंत्री हबाज शरीफ के फैसले के बाद अप्रैल से जून 2026 के बीच मिले विदेशी उपहारों का रिकॉर्ड सार्वजनिक कर दिया है। सरकार की ओर से जारी जानकारी में बताया गया है कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को विदेशों से मिले सभी सरकारी उपहारों को नियमों के अनुसार तोशाखाना में जमा करा दिया गया है। इन उपहारों को निजी संपत्ति नहीं माना जाता, बल्कि इन्हें राज्य की संपत्ति माना जाता है।

तोशाखाना पाकिस्तान सरकार का वह विभाग है जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्री और अन्य सरकारी अधिकारियों को विदेश यात्राओं या विदेशी प्रतिनिधियों से मिलने वाले कीमती उपहारों को सुरक्षित रखा जाता है। सरकारी नियमों के अनुसार, किसी भी अधिकारी को मिले उपहारों की जानकारी दर्ज करना और उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में शामिल करना जरूरी होता है।

मंत्रिमंडल विभाग ने बताया कि जारी किया गया रिकॉर्ड सरकारी दस्तावेजों और अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। सरकार समय-समय पर तोशाखाना में जमा उपहारों का विवरण अपने आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध कराती है। इसका उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बनाए रखना और जनता को जानकारी देना है कि विदेशी नेताओं या प्रतिनिधियों से मिलने वाले उपहारों का सही इस्तेमाल और प्रबंधन किया जा रहा है।

हालांकि, सरकार ने सुरक्षा और कूटनीतिक कारणों का हवाला देते हुए उपहार देने वाले विदेशी नेताओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई बार अंतरराष्ट्रीय संबंधों और राजनयिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी जानकारियों को सीमित रखा जाता है।

पाकिस्तान में तोशाखाना का मुद्दा पहले भी राजनीतिक विवादों में रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से जुड़ा तोशाखाना मामला काफी समय तक चर्चा में रहा था। इस मामले के बाद सरकारी उपहारों की जानकारी सार्वजनिक करने और उनके रिकॉर्ड को लेकर लोगों की रुचि बढ़ गई थी।

मौजूदा सरकार का यह कदम भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, सरकार यह संदेश देना चाहती है कि विदेशी दौरों और आधिकारिक बैठकों के दौरान मिलने वाले उपहारों को नियमों के मुताबिक संभाला जा रहा है और उन्हें व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा रहा।

हबाज शरीफ सरकार द्वारा रिकॉर्ड जारी करने से पाकिस्तान में सरकारी पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार तोशाखाना से जुड़ी जानकारी को किस तरह नियमित रूप से सार्वजनिक करती है और जनता के बीच विश्वास बनाए रखने के लिए कौन से कदम उठाती है।


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