पुणे न्यूज डेस्क: पुणे में पानी की गुणवत्ता को लेकर एक सोशल मीडिया पोस्ट ने नई बहस छेड़ दी है। शहर के एक उद्यमी विनीत के ने टैंकर से सप्लाई किए जा रहे पानी की तस्वीर साझा करते हुए दावा किया कि उनकी हाउसिंग सोसायटी में इसी तरह का गंदला और भूरे रंग का पानी पहुंचाया गया है। तस्वीर वायरल होने के बाद लोगों ने पानी की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
विनीत के मुताबिक, उनकी सोसायटी हर साल पानी के टैंकरों पर करीब 70 लाख रुपये खर्च करती है। इसके बावजूद निवासियों को ऐसा पानी मिल रहा है, जो सामान्य इस्तेमाल के लिए भी उपयुक्त नहीं दिखता। उन्होंने पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा कि पानी का यह रंग किसी मिलावट की वजह से नहीं, बल्कि टैंकर से सप्लाई किए गए पानी का वास्तविक रूप है।
उन्होंने यह भी चिंता जताई कि यदि रिहायशी सोसायटियों में पानी की ऐसी स्थिति है, तो शहर के रेस्तरां और सड़क किनारे खाने-पीने की दुकानों में इस्तेमाल होने वाले पानी की गुणवत्ता कैसी होगी। विनीत ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो इससे त्वचा संबंधी बीमारियों और जलजनित रोगों का खतरा बढ़ सकता है।
हालांकि, विनीत के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन उनकी पोस्ट ने पुणे की जल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर लोगों की चिंताओं को फिर से सामने ला दिया है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने टैंकर संचालन की सख्त निगरानी, नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही की मांग की है।