पुणे न्यूज डेस्क: एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पुणे शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों में वोट खरीदने के लिए मतदाताओं को छिपे हुए कैमरे वाले पेन बांटे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उनका दावा है कि मतदाताओं से बीजेपी उम्मीदवारों को वोट देते हुए अपना वीडियो रिकॉर्ड करने को कहा गया था। इसके बदले उन्हें पैसे देने का वादा किया गया था।
सुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि कुछ मतदाताओं को ऐसे पेन दिए जाने की शिकायत मिली है, जिनमें छिपे हुए कैमरे लगे थे। इन पेन को जेब पर लगाकर मतदान केंद्र के अंदर वीडियो रिकॉर्ड किया जा सकता था। आरोप है कि बीजेपी उम्मीदवार को वोट देने का सबूत दिखाने के बाद मतदाताओं को पैसे दिए जाने थे। सुले ने चुनाव आयोग और राज्य सरकार से इस मामले की तुरंत और पूरी जांच कराने की मांग की। उन्होंने इन आरोपों को गंभीर और चिंता बढ़ाने वाला बताया।
सुले ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से वोट की गोपनीयता और मतदाताओं की आजादी पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र में चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी डर के होने चाहिए। वहीं, नागपुर में इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्हें इस तरह के पेन के बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर सुप्रिया सुले उन्हें उस पेन की जानकारी देती हैं, तो वह खुद उसे समझने और उससे जुड़े हालात जानने की कोशिश करेंगे।
एक अलग पोस्ट में सुले ने बीजेपी उम्मीदवार कौस्तुभ गावड़े के मतदान केंद्र में पार्टी का चुनाव चिह्न गले में पहनकर जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने एक वीडियो साझा किया, जिसमें कथित तौर पर गावड़े को वोट डालते हुए दिखाया गया है। सुले का कहना है कि उम्मीदवारों को मतदान केंद्र में आम नागरिक की तरह जाना चाहिए और अपनी राजनीतिक पहचान बाहर छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से पूछा कि उम्मीदवार को पार्टी का चिह्न पहनकर अंदर जाने की इजाजत कैसे मिली और क्या यह छूट सिर्फ सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवार को दी जा रही है? सुले ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए आयोग से पूछा कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जाएगी।