पुणे न्यूज डेस्क: दिल्ली से पुणे जाने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट में टेकऑफ से पहले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों का आरोप है कि विमान के केबिन का तापमान अचानक बहुत बढ़ गया, जिससे कई लोग पसीने से तर हो गए और कुछ यात्रियों को सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी।
फ्लाइट में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक अलग-अलग उम्र के यात्री मौजूद थे। सोशल मीडिया पर एक यात्री ने घटना का अनुभव साझा करते हुए बताया कि नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से विमान में बैठने के बाद कुछ ही देर में केबिन का तापमान बढ़ने लगा।
यात्री के मुताबिक, परेशानी के बावजूद विमान को रनवे की ओर ले जाया गया। इसके बाद यात्रियों ने विरोध शुरू कर दिया और समस्या का समाधान होने तक टेकऑफ की अनुमति देने से इनकार कर दिया। यात्रियों ने विमान के अंदर गर्मी और सांस लेने में हो रही परेशानी को लेकर नाराजगी जताई।
दावे के मुताबिक, विरोध करने पर कप्तान और एयरलाइन के कर्मचारियों ने यात्रियों को पुलिस बुलाने की चेतावनी दी। बाद में विमान में तकनीकी समस्या सामने आने की बात कही गई। इसके बाद यात्रियों ने एयरपोर्ट पर विरोध प्रदर्शन किया और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से मामले में कार्रवाई की मांग की।
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी शिकायतें
स्पाइसजेट को लेकर यात्री सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों का यह पहला मामला नहीं है। पिछले सप्ताह पुणे से दिल्ली जाने वाली एक फ्लाइट के यात्रियों ने आरोप लगाया था कि लगातार देरी के दौरान उन्हें कई घंटों तक खाना और पानी उपलब्ध नहीं कराया गया। SG-937 फ्लाइट को सुबह 5:55 बजे उड़ान भरनी थी, लेकिन कई बार देरी के बाद यह करीब 8:30 बजे रवाना हुई और लगभग 10:30 बजे दिल्ली पहुंची।
फरवरी 2026 में भी मुंबई से गोवा जाने वाली स्पाइसजेट की SG1082 फ्लाइट को लेकर यात्रियों ने शिकायत की थी। यात्रियों का दावा था कि विमान में एयर कंडीशनिंग नहीं चलने के कारण उन्हें 90 मिनट से ज्यादा समय तक काफी गर्मी में बैठना पड़ा।
शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे ने उस समय सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा करते हुए विमान के अंदर की स्थिति पर सवाल उठाए थे और नागरिक उड्डयन मंत्रालय तथा मुंबई एयरपोर्ट अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की थी।
हालांकि, स्पाइसजेट ने उस मामले में सफाई देते हुए कहा था कि 9 फरवरी 2026 को SG1082 उड़ान अपने निर्धारित समय पर उड़ान के लिए तैयार थी, लेकिन मुंबई एयरपोर्ट पर ट्रैफिक की अधिकता के कारण टेकऑफ नहीं हो सका।